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मोतिहारी। बिहार में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध है, कानून सख्त है, कार्रवाई होती है और गिरफ्तारियां भी होती हैं लेकिन सवाल वही है, जब प्रतिबंध है तो फिर इसकी शराब पार्टियों का ‘प्रबंध’ कौन कर रहा है? बिहार में पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी नगर थाना क्षेत्र के संवेदनशील बेलबनवा इलाके में शराब पार्टी चल रही थी। पुलिस ने छापेमारी कर पंजाब नेशनल बैंक के चार बैंककर्मियों समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। जिला में एक बार फिर शराबबंदी कानून के दावों और जमीनी हकीकत के बीच का फासला सामने आया है। सूचना मिली और पहुंच गई पुलिस नगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि बेलबनवा इलाके में कुछ लोग एक स्थान पर जुटकर अवैध रूप से शराब का सेवन कर रहे हैं। सूचना का सत्यापन कराने के बाद पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई की और संबंधित ठिकाने पर औचक छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने पांच लोगों को पकड़ा। इनमें पीएनबी के चार कर्मी शामिल बताए गए हैं। पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर शराब सेवन से संबंधित आवश्यक जांच और पूछताछ शुरू कर दी। कानून के शिकंजे में पांच लोग पुलिस के मुताबिक मामले में बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। गिरफ्तार आरोपियों की मेडिकल जांच कराई जा रही है। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। प्रतिबंध के बावजूद शराब की ‘व्यवस्था’ पर सवाल मोतिहारी में यह मामला महज पांच लोगों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। यह उस बड़े सवाल की ओर भी इशारा करता है कि पूर्ण शराबबंदी के बावजूद शराब आखिर पहुंच कैसे रही है? प्रतिबंध है, फिर भी प्रबंध है। पार्टियां होती हैं, पकड़े भी जाते हैं। शराब खराब है, फिर भी पीते हैं लोग। जिले में अवैध या जहरीली शराब से पांच दर्जन से अधिक लोगों की मौत की घटनाओं के बावजूद शराब का अवैध कारोबार पूरी तरह थमता नजर नहीं आ रहा है। पुलिस लगातार कार्रवाई का दावा करती है, लेकिन हर कार्रवाई के बाद सामने आने वाला कोई नया मामला शराबबंदी की निगरानी, आपूर्ति तंत्र और अवैध कारोबार पर एक नया सवाल खड़ा कर देता है। बेलबनवा की यह कार्रवाई भी इसी विरोधाभास को सामने लाती है, कानून की किताब में शराब बंद है, लेकिन जमीन पर उसका रास्ता अभी पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार पांचों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि शराब उन्हें कहां से मिली तथा इस पार्टी के पीछे किसी अन्य व्यक्ति या नेटवर्क की भूमिका थी या नहीं।