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पटना। बिहार के किसानों, ग्रामीण मजदूरों और गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत देते हुए केंद्र और राज्य सरकार ने मनरेगा की लंबित राशि इस वर्ष 30 जून तक चुकाने, 01 जुलाई से नई ग्रामीण विकास योजना लागू करने, किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने तथा 60 लाख पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की दिशा में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण सह ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बीच बुधवार को यहां हुई उच्चस्तरीय बैठक में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की लंबित राशि के भुगतान, प्रधानमंत्री आवास योजना के विस्तार, किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने, कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल और ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने जैसे कई अहम मुद्दों पर सहमति बनी। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार का "डबल इंजन" सहयोग बिहार को चौतरफा विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। मनरेगा मजदूरों को बड़ी राहत, 30 जून तक होगा भुगतान बैठक में सबसे महत्वपूर्ण फैसला मनरेगा मजदूरों के हित में लिया गया। श्री चौधरी ने बताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से मनरेगा की सभी लंबित राशि का भुगतान 30 जून से पहले सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा केवल रोजगार का साधन नहीं बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका का प्रमुख आधार है। ऐसे में लंबित भुगतान मिलने से गांवों में आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है। 01 जुलाई से लागू होगी नई ग्रामीण विकास योजना राज्य में ग्रामीण विकास को नई दिशा देने वाली महत्वाकांक्षी विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन - ग्रामीण (वीबीजीआरएएम) योजना 01 जुलाई 2026 से पूरी तरह लागू कर दी जाएगी। सरकार का दावा है कि यह योजना ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और गांवों में विकास कार्यों को तेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। 60 लाख गरीब परिवारों को पक्का घर दिलाने की तैयारी प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत बिहार सरकार ने राज्य में एक करोड़ चार लाख लोगों की पहचान की है, जिनमें लगभग 60 लाख लोग योजना के लिए पात्र पाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि इन गरीब परिवारों को जल्द से जल्द पक्का घर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत राज्य में आवास निर्माण की प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा ताकि जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक जीवन मिल सके। किसानों की आय बढ़ाने के लिए बनेंगे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बैठक में कृषि क्षेत्र को आधुनिक और लाभकारी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने बक्सर और लखीसराय में टमाटर और प्याज के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। राज्य में प्याज, टमाटर, आम सहित विभिन्न कृषि उत्पादों के लिए आदर्श केंद्र विकसित किए जाएंगे। इन केंद्रों में किसानों को आधुनिक खेती, बेहतर बीज, उन्नत तकनीक और वैज्ञानिक सलाह उपलब्ध कराई जाएगी ताकि उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार हो सके। बिहार के फलों को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय बाजार किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए सरकार बिहार के फलों और बागवानी उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने की दिशा में काम करेगी। मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि बिहार में बागवानी की अपार संभावनाएं हैं। यदि किसानों को वैश्विक बाजार उपलब्ध कराया जाए तो उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। आम, लीची, मखाना और अन्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। मखाना बोर्ड के गठन की प्रक्रिया तेज करने की मांग श्री चौधरी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर बिहार के मखाना की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में मखाना उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन को बढ़ावा देने के लिए मखाना बोर्ड का गठन जल्द पूरा किया जाना चाहिए। इससे लाखों किसानों को लाभ मिलेगा और बिहार की पहचान विश्व स्तर पर और मजबूत होगी। 'लखपति दीदी' अभियान में बिहार देश में नंबर-1 महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी बिहार लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीविका समूहों से जुड़ी महिलाओं को "लखपति दीदी" बनाने के अभियान में बिहार पूरे देश में पहले स्थान पर है। राज्य सरकार इस अभियान को और गति देने की तैयारी कर रही है। ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार, छोटे उद्योग और विपणन के अवसर उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार का भी सहयोग मिलेगा। सरस मेलों के माध्यम से महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने की योजना है। एकीकृत खेती पर विशेष जोर, बिहार बनेगा मॉडल राज्य मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार कृषि रोडमैप को अपनाने वाला देश का पहला राज्य रहा है। अब राज्य सरकार एकीकृत खेती को बढ़ावा देकर बिहार को इस क्षेत्र में मॉडल राज्य के रूप में विकसित करना चाहती है। इसके तहत खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन और बागवानी को एक साथ जोड़कर किसानों की आय बढ़ाने पर काम किया जाएगा। साथ ही जल संरक्षण, वॉटरशेड परियोजनाओं और मिट्टी संरक्षण कार्यक्रमों को भी तेजी से लागू किया जाएगा। केंद्र ने दिया पूरा सहयोग का भरोसा केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री की मांगों और सुझावों पर सहमति जताते हुए आश्वासन दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार बिहार के कृषि और ग्रामीण विकास कार्यक्रमों को पूरा सहयोग देती रहेगी। उन्होंने कहा कि किसानों की समृद्धि, ग्रामीण विकास और गरीब परिवारों के कल्याण के लिए केंद्र और राज्य मिलकर काम करेंगे।