Full Story

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा से जुड़े हत्या के एक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार झरना मिस्त्री को गिरफ्तार कर लिया है। सीबीआई ने मंगलवार काे बयान जारी कर बताया कि दक्षिण 24 परगना जिले के संतोषपुर के घोषपाड़ा से पकड़ी गई झरना वर्ष 2021 में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से फरार थी और जांच या मुकदमे की प्रक्रिया में शामिल नहीं हुई थी। गिरफ्तारी पर था 50 हजार का इनाम सीबीआई ने झरना मिस्त्री को घोषित अपराधी (प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर) बताया है। वह मामले के सह-आरोपी संजय मिस्त्री की पत्नी है। एजेंसी ने उसकी गिरफ्तारी के लिए 50 हजार रुपये का नकद इनाम घोषित कर रखा था। सीबीआई के अनुसार, लंबे समय से छुपकर मुकदमे की प्रक्रिया से बचने के कारण बैरकपुर के एसीजेएम ने 03 अक्टूबर 2023 के आदेश से झरना मिस्त्री को प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर घोषित किया था। 13 आरोपियों के खिलाफ दाखिल हुई थी चार्जशीट मामले की जांच के बाद सीबीआई ने 29 दिसंबर 2021 को झरना मिस्त्री समेत कुल 13 आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बावजूद झरना जांच और ट्रायल में शामिल नहीं हुई और फरार रही। आखिरकार सीबीआई ने 29 सितंबर 2026 को उसे गिरफ्तार कर लिया। बैरकपुर कोर्ट में पेशी गिरफ्तारी के बाद सीबीआई झरना मिस्त्री को बैरकपुर की सक्षम अदालत में पेश कर रही है। अब इस मामले में उसके खिलाफ आगे की न्यायिक प्रक्रिया अदालत में चलेगी। क्या है पूरा मामला इस मामले की जड़ें 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हुई कथित हिंसा से जुड़ी हैं। प्रेस रिलीज के मुताबिक, शिकायतकर्ता की मां सोवा रानी मंडल की हत्या किए जाने का आरोप था। इस संबंध में उत्तर 24 परगना के जगद्दल थाने में 3 मई 2021 को एफआईआर संख्या 345/2021 दर्ज की गई थी। बाद में कलकत्ता हाईकोर्ट के 19 अगस्त 2021 के आदेश के अनुपालन में सीबीआई ने इस एफआईआर को अपने हाथ में लेते हुए 27 अगस्त 2021 को मामला दर्ज किया और जांच के बाद झरना मिस्त्री समेत 13 आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की।