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नई दिल्ली। देश के नौ प्रमुख उद्योगों के उत्पादन में जुलाई 2026 के दौरान सालाना आधार पर 5.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, हालांकि यह रफ्तार जून के 6 प्रतिशत से कम रही, जबकि पिछले वर्ष जुलाई में उत्पादन वृद्धि केवल 3.2 प्रतिशत थी। जून के मुकाबले धीमी, पिछले साल से मजबूत रफ्तार वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, प्रमुख उद्योगों का उत्पादन जुलाई में बढ़ा जरूर, लेकिन पिछले महीने के मुकाबले इसकी गति कुछ धीमी पड़ी। जून 2026 में उत्पादन वृद्धि 6 प्रतिशत रही थी। इसके मुकाबले जुलाई में यह घटकर 5.4 प्रतिशत रह गई। हालांकि सालाना तुलना में प्रदर्शन बेहतर रहा, क्योंकि जुलाई 2025 में वृद्धि केवल 3.2 प्रतिशत दर्ज की गई थी। लौह अयस्क में सबसे तेज 29.5 प्रतिशत की छलांग जुलाई में सबसे शानदार प्रदर्शन लौह अयस्क क्षेत्र का रहा, जिसका उत्पादन एक साल पहले की तुलना में 29.5 प्रतिशत बढ़ा। इस तेज वृद्धि ने प्रमुख उद्योगों के कुल उत्पादन को मजबूत सहारा दिया और खनन क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों का संकेत दिया। सीमेंट उत्पादन 13.1 प्रतिशत बढ़ा निर्माण और बुनियादी ढांचा क्षेत्र के लिए अहम माने जाने वाले सीमेंट उत्पादन में 13.1 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।सीमेंट उत्पादन में यह मजबूती सड़क, आवास और अन्य निर्माण परियोजनाओं में बढ़ती मांग की ओर इशारा करती है। बिजली और कोयले ने भी बढ़ाया उत्पादन जुलाई में बिजली उत्पादन 9 प्रतिशत बढ़ा, जबकि कोयला उत्पादन में 7.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। बिजली और कोयले का मजबूत प्रदर्शन औद्योगिक गतिविधियों तथा ऊर्जा मांग में तेजी का संकेत माना जा सकता है। इस्पात और रिफाइनरी उत्पादों में भी बढ़त इस दौरान इस्पात उत्पादन 2.9 प्रतिशत बढ़ा, जबकि रिफाइनरी उत्पादों के उत्पादन में 2.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई।हालांकि इन दोनों क्षेत्रों की वृद्धि लौह अयस्क, सीमेंट और बिजली की तुलना में धीमी रही, लेकिन कुल औद्योगिक उत्पादन को सकारात्मक समर्थन मिला। उर्वरक उत्पादन लगातार पांचवें महीने घटा दूसरी ओर, उर्वरक उत्पादन में 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। यह लगातार पांचवां महीना है, जब उर्वरक क्षेत्र का उत्पादन सालाना आधार पर घटा है। कृषि क्षेत्र के लिए अहम इस उद्योग में लगातार कमजोरी चिंता बढ़ाने वाली है। कच्चे तेल में 19वें महीने भी गिरावट देश में कच्चे तेल का उत्पादन जुलाई में 5.3 प्रतिशत घटा और यह लगातार 19वां महीना रहा, जब उत्पादन में सालाना गिरावट देखी गई। कच्चे तेल के घरेलू उत्पादन में लंबे समय से जारी कमजोरी के कारण आयात पर निर्भरता बढ़ने का जोखिम बना रहता है। प्राकृतिक गैस का उत्पादन 25वें महीने नीचे प्राकृतिक गैस उत्पादन में 3.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह लगातार 25वां महीना रहा, जब उत्पादन सालाना आधार पर कम हुआ। प्राकृतिक गैस और कच्चे तेल में लगातार गिरावट ऊर्जा क्षेत्र की संरचनात्मक चुनौतियों की ओर इशारा करती है। आंकड़ों में मिला-जुला संकेत जुलाई के आंकड़े बताते हैं कि खनन, निर्माण, बिजली और कोयला जैसे क्षेत्रों में मजबूत गतिविधि बनी हुई है, लेकिन उर्वरक, कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस लगातार दबाव में हैं। कुल मिलाकर 5.4 प्रतिशत की वृद्धि औद्योगिक क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत है, लेकिन ऊर्जा उत्पादन से जुड़े कमजोर क्षेत्रों में सुधार के बिना यह रफ्तार लंबे समय तक टिकाऊ बनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।