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नई दिल्ली/कोलकाता। पश्चिम बंगाल के बोगतुई गांव में 10 लोगों को जिंदा जलाने वाले चर्चित नरसंहार मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो ( सीबीआई ) ने फरार चल रहे आरोपी और घोषित अपराधी रोहन शेख उर्फ किस्मत शेख को कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया है, जिससे चार साल पुराने इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच और ट्रायल को नया मोड़ मिलने की उम्मीद है। हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के दिए थे आदेश घटना की गंभीरता को देखते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट ने 25 मार्च 2022 को मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया था। इसके बाद सीबीआई ने रामपुरहाट थाना कांड संख्या 169/2022 को अपने हाथ में लेकर जांच शुरू की। जांच एजेंसी ने घटनास्थल का वैज्ञानिक परीक्षण कराया, फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत पड़ताल की। 27 आरोपियों के खिलाफ दाखिल हुई चार्जशीट सीबीआई की लंबी जांच के बाद वर्ष 2022 से 2024 के बीच एक मुख्य चार्जशीट और तीन पूरक (सप्लीमेंट्री) चार्जशीट अदालत में दाखिल की गईं। इन चार्जशीटों में कुल 27 आरोपियों को नामजद किया गया। जांच एजेंसी के मुताबिक गिरफ्तार किया गया रोहन शेख उर्फ किस्मत शेख भी इन्हीं आरोपियों में शामिल था। दो साल पहले घोषित हुआ था 'प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर' सीबीआई के अनुसार, रोहन शेख लगातार जांच और न्यायिक प्रक्रिया से बचता रहा। कई बार समन और कानूनी प्रक्रियाओं के बावजूद वह सामने नहीं आया। आरोपी की लगातार गैरमौजूदगी को देखते हुए रामपुरहाट की सक्षम अदालत ने 5 अप्रैल 2024 को उसे 'प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर' (घोषित अपराधी) घोषित कर दिया था। इसके बाद से उसकी तलाश और तेज कर दी गई थी। कैसे हुई गिरफ्तारी सीबीआई को हाल के दिनों में आरोपी की गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाएं मिली थीं। इसके आधार पर एजेंसी ने विशेष अभियान चलाया और कोलकाता के मिर्जा गालिब रोड इलाके से उसे दबोच लिया। सीबीआई ने बताया कि आरोपी को अब 24 जून 2026 को पूर्व बर्द्धमान स्थित सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी होगी। क्या है बोगतुई नरसंहार पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के रामपुरहाट क्षेत्र स्थित बोगतुई गांव 21 और 22 मार्च 2022 की रात अचानक पूरे देश की सुर्खियों में आ गया था। स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेता भादू शेख की हत्या के कुछ घंटों बाद गांव में हिंसा भड़क उठी थी। आरोप है कि बदले की कार्रवाई में हमलावरों ने कई घरों में आग लगा दी। आग इतनी भीषण थी कि घरों में मौजूद महिलाएं, बच्चे और अन्य लोग बाहर निकल ही नहीं सके। इस दर्दनाक घटना में 10 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई थी जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। देशभर में इस घटना को लेकर भारी राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। विपक्षी दलों ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए थे जबकि मानवाधिकार संगठनों ने भी घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। सीबीआई के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह गिरफ्तारी बोगतुई नरसंहार मामले में अधिकांश आरोपियों के खिलाफ जांच पूरी हो चुकी है और अदालत में मुकदमा चल रहा है। ऐसे में एक ऐसे आरोपी की गिरफ्तारी, जो शुरुआत से ही फरार था, जांच एजेंसी के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। कानूनी जानकारों का मानना है कि आरोपी की गिरफ्तारी से मुकदमे की प्रक्रिया और मजबूत होगी तथा घटना से जुड़े कुछ ऐसे पहलुओं पर भी प्रकाश पड़ सकता है, जिनकी जानकारी अब तक जांच एजेंसियों के पास सीमित थी। बोगतुई कांड: एक नजर में घटना: 21-22 मार्च 2022 की रात स्थान: बोगतुई गांव, रामपुरहाट, बीरभूम (पश्चिम बंगाल) मृतक: 10 लोग जांच एजेंसी: सीबीआई कुल आरोपी: 27 गिरफ्तार आरोपी: रोहन शेख उर्फ किस्मत शेख स्थिति: 2022 से फरार, 2024 में घोषित अपराधी ताजा कार्रवाई: 23 जून 2026 को गिरफ्तारी