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नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने उत्तरी दिल्ली के सराय रोहिल्ला इलाके में 10 जून को हुई 1.5 करोड़ रुपये की लूट का खुलासा करते हुए 11 दिनों तक आठ राज्यों में चलाए गए अभियान के बाद छह आरोपियों को गिरफ्तार, दो नाबालिगों को हिरासत में लिया और लूटी गई रकम में से 1.01 करोड़ रुपये से अधिक नकद बरामद कर लिया है। दिनदहाड़े हुई थी करोड़ों की लूट मध्य रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त मधुर वर्मा ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि 10 जून को नितिन और उनका साथी करण स्कूटर पर करीब 1.5 करोड़ रुपये नकद लेकर जा रहे थे। जब वे ज़खीरा फ्लाईओवर के पास पहुंचे, तभी लाल रंग की मोटरसाइकिल पर सवार दो हथियारबंद बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। एक आरोपी ने पिस्तौल दिखाकर दोनों को धमकाया और नकदी से भरे दो बैग लेकर मौके से फरार हो गया। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया था। बड़ी रकम और फिल्मी अंदाज में हुई लूट के कारण मामला दिल्ली पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया था। कई टीमों को जांच में लगाया गया घटना के बाद सराय रोहिल्ला थाना पुलिस, उत्तरी जिला विशेष स्टाफ और अपराध शाखा की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस उपायुक्त (उत्तर) राजा बंथिया के नेतृत्व में जांच शुरू हुई और तकनीकी निगरानी के साथ-साथ जमीनी स्तर पर भी बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई। 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई जांच के दौरान पुलिस ने लगभग 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया। फुटेज से पता चला कि आरोपियों ने पीड़ितों का पीछा पश्चिम विहार से ही शुरू कर दिया था। जांच में यह भी सामने आया कि वारदात को अंजाम देने और भागने के लिए अपराधियों ने एक मोटरसाइकिल, एक स्कूटी और एक मारुति स्विफ्ट कार का इस्तेमाल किया था। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी विश्लेषण के जरिए पुलिस आरोपियों की गतिविधियों को जोड़ने में सफल रही। स्कूटी बनी जांच की सबसे अहम कड़ी पुलिस को पहली बड़ी सफलता अपराध में इस्तेमाल की गई स्कूटी की पहचान से मिली। 19 जून को स्कूटी उपलब्ध कराने के आरोप में दो नाबालिगों को हिरासत में लिया गया। उनसे पूछताछ के बाद पुलिस वीरेश उर्फ वीरू तक पहुंची और उसे 20 जून को गिरफ्तार कर लिया। वीरेश से पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए, जिनके आधार पर पुलिस मनप्रीत और करण तक पहुंची। शिकायतकर्ता के साथी की भी निकली भूमिका जांच में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि करण, जो लूट के समय शिकायतकर्ता नितिन के साथ मौजूद था, खुद भी साजिश का हिस्सा निकला। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में सामने आया कि उसने अंदरूनी जानकारी अपराधियों तक पहुंचाई थी। इसके बाद मनप्रीत के पिता चरणजीत सिंह की भूमिका भी सामने आई। पुलिस ने 21 जून को चरणजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। इन तीनों आरोपियों से कुल 49.5 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। मुख्य आरोपी कई राज्यों में छुपते रहे जांच के दौरान पुलिस ने मारुति स्विफ्ट कार के जरिए दो मुख्य आरोपियों विक्की उर्फ गांजा और धीर सिंह की पहचान की। दोनों गिरफ्तारी से बचने के लिए दिल्ली छोड़कर कई राज्यों में घूमते रहे। पुलिस टीमों ने दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और जम्मू-कश्मीर तक लगातार पीछा किया। करीब 11 दिनों तक चले अंतरराज्यीय अभियान के बाद दोनों आरोपियों को 22 जून को जम्मू से दिल्ली लौटने के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से 52 लाख रुपये नकद बरामद किए। सभी आरोपियों की पहचान, करोड़ों की रकम बरामद श्री वर्मा ने बताया कि इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विक्की उर्फ गांजा, धीर सिंह, वीरेश उर्फ वीरू, करण, मनप्रीत उर्फ ट्विंकल और चरणजीत सिंह के रूप में हुई है। दो नाबालिगों को भी वाहन उपलब्ध कराने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। अब तक पुलिस कुल एक करोड़ एक लाख 50 हजार रुपये बरामद कर चुकी है और लूट में इस्तेमाल मोटरसाइकिल, स्कूटी तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जब्त किए जा चुके हैं।



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