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नई दिल्ली। आपकी पॉकेट से लेकर घर की रसोई तक महंगाई का प्रेशर फिर बढ़ने लगा है, क्योंकि खाने-पीने की चीजों और सोने-चांदी के गहनों की कीमतों में तेजी के बीच जुलाई में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.45 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो कम से कम 19 महीने का सबसे ऊंचा स्तर है। जून से फिर ऊपर गया इन्फ्लेशन केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में महंगाई एक बार फिर तेजी का संकेत दे रही है। जून में संशोधित खुदरा महंगाई दर 4.38 प्रतिशत थी, जो जुलाई में बढ़कर 4.45 प्रतिशत हो गई। पिछले साल जुलाई में यही आंकड़ा 3.35 प्रतिशत था। नई सीरीज के तहत जनवरी 2025 से अब तक जारी आंकड़ों में खुदरा महंगाई इतने ऊंचे स्तर पर पहले नहीं पहुंची थी। किचन बजट पर बढ़ा प्रेशर आम आदमी के लिए ज्यादा चिंता खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने की है। खाद्य खुदरा महंगाई जून के 5.32 प्रतिशत से बढ़कर जुलाई में 5.52 प्रतिशत हो गई। वहीं, सालाना आधार पर खाने-पीने की चीजों की कीमतों में 5.24 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। अदरक ने दिया ‘झटका’, प्याज-लहसुन भी महंगे सब्जियों के आंकड़े देखें तो कुछ चीजों की कीमतों ने बजट का पूरा गणित बिगाड़ दिया। एक साल में अदरक 84 प्रतिशत महंगा हो गया, जबकि लहसुन के दाम 35 प्रतिशत और प्याज के 23 प्रतिशत बढ़ गए। यानी किचन में इस्तेमाल होने वाली रोजमर्रा की कई चीजों ने सीधे घरेलू बजट पर दबाव बढ़ाया है। चांदी के जेवरों की कीमत में 110% का उछाल जुलाई में सबसे हैरान करने वाला आंकड़ा चांदी के गहनों का रहा। एक साल के मुकाबले चांदी के गहने 110 प्रतिशत महंगे हो गए।सोने, हीरे और प्लेटिनम के गहनों की कीमतों में भी 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मतलब सिर्फ रसोई ही नहीं, ज्वेलरी खरीदने वालों के लिए भी महंगाई का झटका बड़ा रहा। थोड़ी गुड न्यूज भी है महंगाई के इन आंकड़ों के बीच कुछ चीजों के दाम में गिरावट ने राहत भी दी है। आलू के दाम सालाना आधार पर 17 प्रतिशत कम हुए, जबकि भिंडी 6 प्रतिशत सस्ती हुई। टमाटर और मटर की कीमतों में भी 5-5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। बाहर खाना भी हुआ महंगा घर की रसोई के अलावा बाहर खाना और ठहरना भी महंगा हुआ है। रेस्त्रां और आवासीय सेवाओं की महंगाई दर 7.72 प्रतिशत रही, जबकि परिवहन सेवाओं में महंगाई 4.43 प्रतिशत दर्ज की गई। पान, तंबाकू और नशीले पदार्थों की श्रेणी में महंगाई दर 4.79 प्रतिशत रही। गांवों पर महंगाई का ज्यादा लोड महंगाई का असर शहरों के मुकाबले ग्रामीण इलाकों में ज्यादा दिखाई दिया। जुलाई में ग्रामीण महंगाई 4.84 प्रतिशत रही, जबकि शहरी महंगाई 3.96 प्रतिशत दर्ज की गई। यानी महंगाई की मार गांवों में रहने वाले लोगों की जेब पर ज्यादा पड़ी।