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नई दिल्ली। खाने-पीने की वस्तुओं तथा रेस्त्रां एवं आवास सेवाओं की कीमतें बढ़ने से इस वर्ष अगस्त में खुदरा मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित महंगाई बढ़कर 4.82 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो इसका 20 महीने का उच्चतम स्तर है। जुलाई 2026 में खुदरा महंगाई 4.45 प्रतिशत थी जबकि पिछले वर्ष अगस्त में यह 3.89 प्रतिशत दर्ज की गई थी। यानी महंगाई मासिक और सालाना—दोनों आधार पर बढ़ी है। जुलाई के मुकाबले महंगाई में तेज उछाल अगस्त में खुदरा महंगाई जुलाई के मुकाबले 0.37 प्रतिशत बढ़ी। पिछले साल अगस्त की तुलना में इसमें 0.93 प्रतिशत अंक का इजाफा दर्ज किया गया। आंकड़ों से साफ है कि उपभोक्ताओं पर कीमतों का दबाव लगातार बढ़ा है। इसमें खाद्य वस्तुओं और सेवाओं की महंगाई ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। खाद्य महंगाई बढ़कर 5.95 प्रतिशत अगस्त में खाद्य खुदरा महंगाई बढ़कर 5.95 प्रतिशत पर पहुंच गई। जुलाई 2026 में यह 5.52 प्रतिशत थी। एक महीने में खाद्य महंगाई में 0.43 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। खाद्य एवं पेय पदार्थों के पूरे वर्ग की महंगाई दर 5.66 प्रतिशत रही। गांवों में शहरों से ज्यादा महंगाई अगस्त में एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में महंगाई दर शहरी क्षेत्रों से अधिक रही। ग्रामीण क्षेत्रों में खुदरा मुद्रास्फीति 6.13 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि शहरी इलाकों में यह 5.64 प्रतिशत रही। इस तरह ग्रामीण महंगाई शहरी दर से 0.49 प्रतिशत अंक अधिक रही। यह अंतर बताता है कि कीमतों की बढ़ोतरी का दबाव गांवों में अपेक्षाकृत अधिक रहा। रेस्त्रां और आवास सेवाएं 8.38 प्रतिशत महंगी खाने-पीने की वस्तुओं के साथ रेस्त्रां एवं आवासीय सेवाओं ने भी महंगाई को ऊपर पहुंचाया। अगस्त में इस श्रेणी की महंगाई दर 8.38 प्रतिशत रही। यानी बाहर खाने और आवास से जुड़ी सेवाओं की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। सोने-चांदी की चमक ने बढ़ाई महंगाई सोने और चांदी के बढ़ते दामों का असर सौंदर्य प्रसाधन, सामाजिक सुरक्षा तथा अन्य वस्तु एवं सेवा वर्ग पर भी दिखाई दिया। इस वर्ग की महंगाई दर अगस्त में 15.17 प्रतिशत रही, जो प्रमुख श्रेणियों में सबसे ऊंचे स्तरों में शामिल है। चांदी के गहने 107.11 प्रतिशत महंगे अलग-अलग वस्तुओं के आंकड़ों में सबसे चौंकाने वाली तेजी चांदी के गहनों में दर्ज की गई। इनकी कीमत सालाना आधार पर 107.11 प्रतिशत बढ़ी। सबसे अधिक महंगी हुई प्रमुख वस्तुएं— चांदी के गहने: 107.11 प्रतिशत अदरक: 73.82 प्रतिशत प्याज: 48.27 प्रतिशत लहसुन: 43.60 प्रतिशत सोने, हीरे और प्लेटिनम के गहने: 35.53 प्रतिशत सब्जियों में अदरक, प्याज और लहसुन की तेज महंगाई ने घरेलू रसोई पर अतिरिक्त दबाव बढ़ाया। तंबाकू और परिवहन सेवाएं भी महंगी पान, तंबाकू एवं नशीले पदार्थों की महंगाई दर अगस्त में 4.71 प्रतिशत दर्ज की गई। परिवहन सेवाओं की कीमतों में सालाना आधार पर 4.60 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। टमाटर और आलू ने दी कुछ राहत कई वस्तुओं के दाम तेजी से बढ़े, लेकिन टमाटर और आलू समेत कुछ उत्पादों की कीमतों में सालाना गिरावट ने उपभोक्ताओं को आंशिक राहत दी। कीमतों में कमी वाली प्रमुख वस्तुएं— टमाटर: 31.09 प्रतिशत आलू: 13.14 प्रतिशत मोटर कार एवं जीप: 6.72 प्रतिशत भिंडी: 5.41 प्रतिशत परवल: 3.60 प्रतिशत टमाटर में सबसे अधिक 31.09 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि आलू की कीमत 13.14 प्रतिशत कम हुई। रसोई में मिला-जुला असर, सेवाओं ने बढ़ाया बोझ अगस्त के आंकड़े कीमतों की मिली-जुली तस्वीर पेश करते हैं। टमाटर, आलू, भिंडी और परवल सस्ते हुए, लेकिन अदरक, प्याज और लहसुन की तेज महंगाई ने रसोई का हिसाब बिगाड़ा। दूसरी ओर रेस्त्रां, आवास, परिवहन तथा सोने-चांदी से जुड़े वर्गों में बढ़ी कीमतों ने उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त दबाव डाला। कुल मिलाकर खुदरा महंगाई का 4.82 प्रतिशत पर पहुंचना और खाद्य महंगाई का बढ़कर 5.95 प्रतिशत होना बताता है कि अगस्त में राहत देने वाली वस्तुओं के बावजूद कीमतों का व्यापक दबाव मजबूत बना रहा।