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मोक्वी (चीन)। कप्तान अनमोल एक्का के दो दमदार गोल और गोलकीपर विवेक लकरा के शानदार बचाव की बदौलत भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम ने शुक्रवार को पहले सेमीफाइनल में मलेशिया को 3-1 से हराकर एएचएफ जूनियर पुरुष एशिया कप 2026 के फाइनल में लगातार चौथी बार प्रवेश कर लिया। अपने खिताब की सफलतापूर्वक रक्षा करने से अब भारत केवल एक जीत दूर है। चौथे लगातार और कुल छठे खिताब का पीछा कर रही भारतीय टीम फाइनल में पाकिस्तान और दक्षिण कोरिया के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से भिड़ेगी। शुरुआत से भारत का हमला, लेकिन गोलकीपर ने रोका रास्ता मैच शुरू होते ही भारत ने आक्रामक तेवर दिखाए। पहले दो मिनट के भीतर अजीत यादव ने गहरी रक्षापंक्ति से आए लंबे पासों पर दो बार गोल के करीब पहुंचकर मलेशिया को खतरे का संकेत दे दिया। भारत ने जल्द ही तीन पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए, लेकिन मलेशियाई गोलकीपर अमस्यार मोहम्मद आदिब ने बेहतरीन बचाव करते हुए गोल का दरवाजा बंद रखा। शुरुआती पांच मिनट में मलेशिया गेंद पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए संघर्ष करता दिखाई दिया और उसकी टीम अधिकतर समय बचाव में घिरी रही। मलेशिया का पहला हमला, भारतीय रक्षा मुस्तैद मलेशिया ने 11वें मिनट में पहली बार भारत के 23 गज क्षेत्र में खतरनाक प्रवेश किया, लेकिन भारतीय रक्षापंक्ति ने उसे गोल घेरे तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया। अगले ही मिनट गेंद पर कब्जा बदलने से भारत को बढ़त बनाने का अवसर मिला, मगर टीम उसे गोल में नहीं बदल सकी। पहले क्वार्टर के आखिरी मिनट में मलेशिया भी गोल के करीब पहुंचा, लेकिन गोल घेरे के ऊपरी हिस्से से लगाया गया उसका प्रयास न तो ताकतवर था और न ही सही दिशा में। पहला क्वार्टर गोलरहित समाप्त हुआ। 16वां मिनट: अनमोल का करारा फ्लिक, भारत 1-0 से आगे दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में भारत को मैच का चौथा पेनल्टी कॉर्नर मिला और कप्तान अनमोल एक्का ने इंतजार खत्म कर दिया। 16वें मिनट में पहली बैटरी पर खड़े अनमोल ने तेज और नीचा ड्रैग फ्लिक लगाया। गेंद मलेशियाई गोलकीपर अमस्यार के दाईं ओर से निकलकर गोल बोर्ड से जा टकराई और भारत ने 1-0 की बढ़त बना ली। इसके साथ ही अनमोल ने प्रतियोगिता में अपने गोलों की संख्या 15 तक पहुंचा दी। लकरा का शानदार बचाव, मलेशिया का जवाब नाकाम गोल खाने के बाद मलेशिया ने तुरंत पलटवार किया। 17वें मिनट में भारतीय गोलकीपर विवेक लकरा ने शानदार बचाव किया, जिसके बाद मलेशिया को अपना पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला। हालांकि, भारत के पहले रशर ने महत्वपूर्ण रोक लगाकर खतरा टाल दिया। भारत को 23वें मिनट में एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन गेंद को दिशा बदलकर गोल में भेजने का प्रयास मलेशियाई गोलपोस्ट के ऊपर से निकल गया। मध्यांतर से ठीक पहले भारत ने जवाबी हमले पर बढ़त दोगुनी करने का मौका बनाया, मगर कठिन कोण से लगाया गया शॉट गोल के सामने से बाहर चला गया। भारत मध्यांतर तक 1-0 से आगे रहा। 34वां मिनट: लकरा के लगातार बचाव ने बदल दिया मैच तीसरे क्वार्टर की शुरुआत में मलेशिया ने बराबरी के लिए जबरदस्त दबाव बनाया, लेकिन उसके सामने विवेक लकरा दीवार बनकर खड़े हो गए। 34वें मिनट में लकरा ने पहले लगातार दो शानदार बचाव किए और फिर कुछ ही क्षण बाद एक और प्रयास नाकाम कर दिया। उनके इन बचावों ने मलेशिया को बराबरी करने से रोकते हुए भारत को मुकाबले में मजबूत बनाए रखा। दो पीले कार्ड, फिर भी नहीं टूटी भारतीय रक्षा 36वें मिनट में मनमीत सिंह राय को पीला कार्ड मिलने के कारण भारत को 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। मलेशिया ने 39वें मिनट में एक और पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया, लेकिन उसकी टीम इसे ठीक से अंजाम नहीं दे सकी। बराबरी की तलाश में मलेशिया ने हवाई गेंदों का सहारा लिया, लेकिन भारतीय रक्षापंक्ति पूरी तरह व्यवस्थित रही। 41वें मिनट में प्रभदीप सिंह को भी पीला कार्ड दिखाया गया और भारत एक बार फिर 10 खिलाड़ियों तक सीमित हो गया। मलेशिया को 45वें मिनट में एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन उसका स्लैप-पुश निशाने से बाहर चला गया। 51वां मिनट: सुखविंदर ने भारत को दी राहत चौथे क्वार्टर में भारत को उस दूसरे गोल की तलाश थी, जो मुकाबले पर उसकी पकड़ मजबूत कर सके। 51वें मिनट में मलेशिया के एक रक्षात्मक स्पर्श ने पहले भारतीय प्रयास को रोक दिया, लेकिन भारत ने तुरंत गोल घेरे में दोबारा प्रवेश किया। इस बार सुखविंदर ने कोई गलती नहीं की और गेंद को गोल में पहुंचाकर भारत की बढ़त 2-0 कर दी। पेनल्टी स्ट्रोक पर लकरा का कमाल 53वें मिनट में मलेशिया को पेनल्टी स्ट्रोक मिला और उसके पास मुकाबले में वापसी करने का सुनहरा मौका था, लेकिन लकरा ने फिर अद्भुत प्रदर्शन किया। भारतीय गोलकीपर ने तेजी से बाईं ओर छलांग लगाई और अपने दस्ताने से गेंद को रोक दिया। इस निर्णायक बचाव ने मलेशिया की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया। मलेशिया का वीडियो रेफरल बेकार, अनमोल ने ठोका दूसरा गोल पेनल्टी स्ट्रोक बचाने के बाद भारत ने तुरंत रक्षा से आक्रमण की ओर रुख किया और 54वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर हासिल कर लिया।मलेशिया ने फैसले को वीडियो रेफरल के जरिए चुनौती दी, लेकिन उसका रेफरल खारिज हो गया और पेनल्टी कॉर्नर बरकरार रहा।अनमोल एक्का ने इस मौके को पूरी ताकत के साथ भुनाया। उनका तेज फ्लिक सीधे गोलकीपर को छकाते हुए गोल में पहुंचा और भारत ने 3-0 की निर्णायक बढ़त बना ली। यह प्रतियोगिता में अनमोल का 16वां गोल था, जिससे उन्होंने शीर्ष स्कोरर के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली। आखिरी मिनटों में भी लकरा की चौकसी मलेशिया ने अंतिम मिनटों में लगातार पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए लेकिन लकरा और भारतीय रक्षा ने मजबूती से मोर्चा संभाले रखा। 58वें मिनट में मलेशिया के ताकतवर फ्लिक पर लाकड़ा ने डाइव लगाकर एक और शानदार बचाव किया। मैच खत्म होने से महज 24 सेकंड पहले मलेशिया को अपना आठवां पेनल्टी कॉर्नर मिला। इस बार एम रहुउल ने गेंद को गोल में पहुंचाकर स्कोर 3-1 कर दिया, लेकिन तब तक मुकाबला मलेशिया की पहुंच से बाहर हो चुका था। अनमोल बने गोल मशीन, लकरा बने जीत की दीवार भारत की जीत में कप्तान और ड्रैग फ्लिकर अनमोल एक्का ने आगे से नेतृत्व करते हुए दो गोल दागे, जबकि ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ विवेक लाकड़ा ने पेनल्टी स्ट्रोक रोकने समेत कई शानदार बचाव किए। अनमोल की गोल करने की क्षमता और लकरा की गोलपोस्ट के सामने चौकसी ने भारत को 3-1 की दमदार जीत के साथ लगातार चौथे एएचएफ जूनियर पुरुष एशिया कप फाइनल में पहुंचा दिया। अब भारतीय टीम की नजर लगातार चौथे और कुल छठे खिताब पर है।