Full Story

पटना। बिहार के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से गया जी में करीब 6,000 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़े एकीकृत इस्पात संयंत्र की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में गुरुवार को उद्योग विभाग और महाशक्ति ग्रुप के बीच इस परियोजना के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। प्रस्तावित संयंत्र की उत्पादन क्षमता 10 से 15 लाख टन प्रति वर्ष होगी। बिहार के औद्योगिक नक्शे पर गया जी की बड़ी एंट्री यह परियोजना गया जी जिले में स्थापित की जाएगी और इसे राज्य के लिए बड़े औद्योगिक निवेश के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का दावा है कि इससे बिहार को केवल एक नया कारखाना नहीं मिलेगा बल्कि उद्योग, रोजगार, परिवहन, निर्माण और कारोबारी गतिविधियों का पूरा नया तंत्र विकसित होगा। इतने बड़े निवेश से गया जी और आसपास के जिलों में औद्योगिक माहौल मजबूत होने की उम्मीद है। स्थानीय युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए अवसर इस्पात परियोजना से बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की संभावना है। संयंत्र के निर्माण के दौरान इंजीनियरिंग, निर्माण, मशीनरी, परिवहन और श्रम से जुड़े काम बढ़ेंगे जबकि उत्पादन शुरू होने के बाद तकनीकी, प्रशासनिक, सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स और रखरखाव जैसे क्षेत्रों में नौकरियां मिल सकती हैं। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाने की मजबूरी भी कुछ हद तक कम हो सकती है। छोटे और सहायक उद्योगों को मिलेगा बाजार स्टील प्लांट के आसपास कई सहायक इकाइयों के विकसित होने की संभावना है। इनमें मशीन पार्ट्स, पैकेजिंग, स्क्रैप प्रबंधन, परिवहन, मरम्मत, औद्योगिक गैस, सुरक्षा उपकरण और अन्य सेवाओं से जुड़े छोटे उद्योग शामिल हो सकते हैं।इससे स्थानीय उद्यमियों और छोटे कारोबारियों को नए अवसर मिलेंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में नकदी का प्रवाह बढ़ेगा। निर्माण और बुनियादी ढांचे को मिलेगा सहारा राज्य में बड़े पैमाने पर सड़क, पुल, भवन और अन्य बुनियादी परियोजनाओं के लिए स्टील की जरूरत होती है। गया जी में उत्पादन शुरू होने के बाद बिहार को इस्पात की आपूर्ति में स्थानीय विकल्प मिल सकता है। इससे परिवहन लागत और आपूर्ति में लगने वाला समय घटने की संभावना है, हालांकि इसका वास्तविक असर परियोजना के संचालन और बाजार व्यवस्था पर निर्भर करेगा। राज्य में निवेश का भरोसा बढ़ाने की कोशिश मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने, बेहतर आधारभूत संरचना उपलब्ध कराने और निवेशकों को त्वरित प्रशासनिक सहयोग देने पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बड़े निवेश आने से बिहार की औद्योगिक छवि मजबूत होगी और अन्य कंपनियों को भी राज्य में निवेश के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। बियाडा और उद्योग विभाग की होगी अहम भूमिका सरकार ने उम्मीद जताई है कि बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण, उद्योग विभाग और निवेशक कंपनी के बीच बेहतर समन्वय से परियोजना समय पर आगे बढ़ेगी। भूमि, आधारभूत संरचना, मंजूरी और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करना इस परियोजना की सफलता के लिए महत्वपूर्ण होगा।