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मुंबई: कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट, मजबूत औद्योगिक उत्पादन, बेहतर मानसून और कंपनियों के उत्साहजनक तिमाही नतीजों के दम पर बीते सप्ताह घरेलू शेयर बाजार ढाई फीसदी से अधिक चढ़ गया, जबकि अब निवेशकों की नजर अगले सप्ताह आरबीआई की मौद्रिक नीति समीक्षा, पीएमआई आंकड़ों और अमेरिका के श्रम बाजार से जुड़े संकेतों पर रहेगी। सेंसेक्स 78 हजार के पार, निफ्टी 24,383 पर बंद बीते सप्ताह बीएसई सेंसेक्स 2,034.87 अंक यानी 2.7 प्रतिशत उछलकर शुक्रवार को 78,094.64 अंक पर पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी 616.15 अंक यानी 2.6 प्रतिशत चढ़कर 24,383.60 अंक पर बंद हुआ। बाजार में तेजी केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। मिडकैप और स्मॉलकैप में भी जोरदार लिवाली बीएसई मिडकैप सूचकांक 335.31 अंक यानी दो प्रतिशत चढ़कर 17,018.58 अंक पर पहुंच गया। वहीं स्मॉलकैप सूचकांक 134.61 अंक यानी 1.94 प्रतिशत मजबूत होकर 7,059.06 अंक पर बंद हुआ। इससे संकेत मिला कि बाजार की तेजी व्यापक रही और निवेशकों ने चुनिंदा छोटी तथा मझौली कंपनियों में भी खरीदारी की। कच्चे तेल में गिरावट से महंगाई की चिंता कम अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट से भारत में महंगाई और आयात खर्च को लेकर चिंता कम हुई। इससे निवेशकों की धारणा मजबूत हुई और बाजार को बड़ा सहारा मिला। अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को स्थिर रखा, जो बाजार की उम्मीद के अनुरूप था। हालांकि उसके सख्त रुख ने संकेत दिया कि महंगाई लक्ष्य के करीब नहीं आने तक कड़ी मौद्रिक नीति जारी रह सकती है। विदेशी निवेश और मजबूत रुपये ने दिया सहारा वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शेयरों में मुनाफावसूली के बीच विदेशी निवेशकों का रुझान भारतीय बाजार की ओर बढ़ा। भारत के विविध इक्विटी बाजार में विदेशी पूंजी आने से रुपये को भी मजबूती मिली। आईआईपी, मानसून और तिमाही नतीजों से बढ़ा भरोसा घरेलू स्तर पर मजबूत औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े, मानसून की सुधरती स्थिति और कंपनियों के बेहतर तिमाही परिणामों ने बाजार का उत्साह बनाए रखा। लार्जकैप शेयरों ने व्यापक बाजार से बेहतर प्रदर्शन किया। धातु और ऑटो क्षेत्र तेजी की अगुवाई करते नजर आए, जबकि ऊर्जा लागत घटने से इन क्षेत्रों को अतिरिक्त फायदा मिला। आईटी शेयरों पर दबाव, फिर भी सप्ताह बढ़त में सप्ताह के आखिर में वैश्विक चिप कंपनियों में तेजी के कारण घरेलू आईटी शेयरों पर कुछ दबाव आया। इसके बावजूद आकर्षक मूल्यांकन के चलते आईटी क्षेत्र पूरे सप्ताह बढ़त के साथ बंद हुआ। आरबीआई की नीति तय करेगी अगली चाल जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर के अनुसार, बाजार की आगे की तेजी इस बात पर निर्भर करेगी कि वैश्विक अनिश्चितताएं कितनी कम होती हैं, कच्चे तेल की कीमतें कितनी स्थिर रहती हैं और कंपनियों की कमाई का विस्तार कितने क्षेत्रों तक होता है। अगले सप्ताह निवेशकों की सबसे ज्यादा नजर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समीक्षा पर रहेगी। ब्याज दरों, महंगाई और आर्थिक वृद्धि को लेकर केंद्रीय बैंक का रुख बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। अमेरिकी रोजगार और पीएमआई आंकड़े भी रहेंगे अहम घरेलू बाजार के लिए पीएमआई आंकड़े महत्वपूर्ण संकेत देंगे, जबकि वैश्विक स्तर पर अमेरिका के श्रम बाजार से जुड़े आंकड़ों पर निवेशकों की नजर रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में निवेशकों को मजबूत कमाई की संभावना और ठोस बुनियाद वाली कंपनियों में धीरे-धीरे निवेश बढ़ाने की रणनीति अपनानी चाहिए।



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