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पटना। बिहार सरकार ने पूर्णिया, नालंदा, मधेपुरा, मधुबनी और शेखपुरा में केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना और भवन निर्माण का रास्ता साफ करते हुए केंद्रीय विद्यालय संगठन को सरकारी जमीन एक रुपये के टोकन मूल्य पर 30 वर्ष की लीज पर उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। पांच जिलों में केंद्रीय विद्यालय खोलने की तैयारी तेज मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) अरविंद कुमार चौधरी ने बुधवार को यहां मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद बताया कि इस आशय के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई है। बिहार में केंद्रीय विद्यालय खोलने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य मंत्रिमंडल ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के पांच अलग-अलग प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। इसके बाद अब पूर्णिया, नालंदा, मधेपुरा, मधुबनी और शेखपुरा में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना और भवन निर्माण की प्रक्रिया तेज हो सकेगी। एक रुपये के टोकन शुल्क पर मिलेगी जमीन सरकार ने इन सभी जिलों में केंद्रीय विद्यालय संगठन (शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार) को सरकारी जमीन एक रुपये के टोकन शुल्क पर 30 वर्षों की लीज पर देने का फैसला लिया है। जरूरत पड़ने पर लीज का नवीकरण भी किया जा सकेगा। इससे स्कूल निर्माण में किसी तरह की जमीन संबंधी बाधा नहीं रहेगी। किन जिलों को मिलेगा फायदा? कैबिनेट के फैसले के अनुसार— * पूर्णिया में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। * नालंदा में नए केंद्रीय विद्यालय का रास्ता साफ हो गया है। * मधेपुरा में सरकारी जमीन पर केंद्रीय विद्यालय स्थापित किया जाएगा। * मधुबनी में भी केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए जमीन दी जाएगी। * शेखपुरा में केंद्रीय विद्यालय के भवन निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। छात्रों को मिलेगा सीधा लाभ सरकार के इस फैसले से इन पांच जिलों के हजारों विद्यार्थियों को भविष्य में केंद्रीय विद्यालय में पढ़ने का अवसर मिलेगा। नए विद्यालय बनने से बेहतर शिक्षा, आधुनिक सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगी। साथ ही छात्रों को केंद्रीय विद्यालय में प्रवेश के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।



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