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मोतिहारी। बिहार में पूर्वी चंपारण जिले के रक्सौल निवासी एक व्यक्ति से बिजली बिल अपडेट कराने के नाम पर साइबर ठगों द्वारा ठगे गए 3,95,526 रुपये मोतिहारी साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी जांच और त्वरित कार्रवाई के जरिए वापस करा दिए हैं जबकि पुलिस ने लोगों से बैंकिंग और व्यक्तिगत जानकारी किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की अपील की है। बिजली बिल अपडेट के बहाने लगाया लाखों का चूना पुलिस के अनुसार, रक्सौल के नागा रोड निवासी महेंद्र प्रसाद को साइबर ठगों ने बिजली बिल अपडेट कराने का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया था। ठगों ने उनसे बैंकिंग संबंधी जानकारी हासिल कर उनके खाते से लाखों रुपये निकाल लिए। मामले की जानकारी मिलते ही साइबर थाना में कांड संख्या 176/25 दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के बाद लौटी पूरी रकम मामले की जांच कर रहे पुलिस अवर निरीक्षक मनीष कुमार ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए पीड़ित के खाते में 1,95,526 रुपये वापस कराए। पुलिस ने बताया कि इससे पहले भी इसी मामले में दो लाख रुपये पीड़ित को लौटाए जा चुके थे। इस तरह अब तक कुल 3,95,526 रुपये की पूरी ठगी गई राशि वापस करा दी गई है। साइबर पुलिस की कार्रवाई बनी राहत की वजह पूर्वी चंपारण पुलिस ने कहा कि समय पर शिकायत और त्वरित कार्रवाई की वजह से ठगी गई राशि को रिकवर करना संभव हो सका। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि साइबर ठगी की किसी भी घटना की तुरंत सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। पुलिस की अपील—इन गलतियों से बचें साइबर थाना पुलिस ने लोगों को सतर्क करते हुए कहा है कि बिजली बिल अपडेट, बैंक केवाईसी या किसी अन्य बहाने से आने वाले अनजान कॉल पर भरोसा न करें। किसी भी व्यक्ति के साथ अपना बैंक खाता, एटीएम, ओटीपी, सीवीवी या मोबाइल सिम की जानकारी साझा न करें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या ऑनलाइन भुगतान करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें।याद रखें कि कोई भी बैंक या सरकारी विभाग फोन पर गोपनीय बैंकिंग जानकारी नहीं मांगता। सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव पुलिस ने कहा कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या ऑनलाइन गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर थाना या संबंधित हेल्पलाइन पर दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।



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