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भागलपुर: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले में सोमवार को आस्था और उत्साह का अनोखा संगम देखने को मिला, जब बिहार सरकार की पहल पर भागलपुर जिले के सुल्तानगंज से लेकर मुंगेर के असरगंज तक मेला क्षेत्र और कांवरिया पथ पर हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा कर हजारों शिवभक्तों का स्वागत किया गया और पूरा इलाका ‘बोल बम’ तथा ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा। हेलिकॉप्टर से बरसे फूल, झूम उठे कांवरिये श्रावणी मेले में सोमवार का दिन कांवरियों के लिए खास बन गया। कांवरिया पथ पर चल रहे श्रद्धालुओं के ऊपर अचानक आसमान से फूल बरसने लगे तो माहौल और भी भक्तिमय हो गया। राज्य सरकार के कला, संस्कृति एवं युवा विभाग और जिला प्रशासन के सहयोग से पटना से आए हेलिकॉप्टर के जरिए श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की गई। इस बार पहली बार इतने भव्य रूप में मेला क्षेत्रों और कांवरिया मार्ग पर पुष्प वर्षा की गई। अजगैबीनाथ मंदिर से नमामि गंगे घाट तक बरसे फूल हेलिकॉप्टर से भागलपुर जिले के सुल्तानगंज मेला क्षेत्र के साथ अजगैबीनाथ मंदिर, नमामि गंगे तट, लहुआ मोड़ और ढांढी बेलारी में पुष्प वर्षा की गई। इसके बाद मुंगेर जिले के असरगंज समेत कांवरिया मार्ग के विभिन्न हिस्सों में भी शिवभक्तों पर फूल बरसाए गए। आसमान से होती पुष्प वर्षा को देखकर कांवरियों में खासा उत्साह दिखाई दिया और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इस दृश्य का आनंद लिया। ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ से गूंजा रास्ता पुष्प वर्षा शुरू होते ही कांवरिया पथ पर भक्तों का उत्साह और बढ़ गया। गेरुआ वस्त्र पहने शिवभक्तों ने ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे लगाए। फूलों की बारिश और महादेव के जयघोष ने पूरे इलाके को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालुओं के स्वागत के इस अंदाज ने श्रावणी मेले की भव्यता में एक नया रंग जोड़ दिया। सुल्तानगंज में लगातार बढ़ रहा कांवरियों का कारवां हर साल की तरह इस बार भी देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का सुल्तानगंज पहुंचना जारी है। गेरुआ वस्त्रधारी श्रद्धालु सुल्तानगंज में उत्तरवाहिनी गंगा में स्नान करने के बाद अपने कांवर में पवित्र गंगाजल भरते हैं और फिर बाबा बैद्यनाथ को जल अर्पित करने के लिए देवघर की ओर पैदल रवाना होते हैं। श्रावण मास में यह सिलसिला लगातार चलता रहता है और पूरा कांवरिया मार्ग आस्था के रंग में रंग जाता है। 108 किलोमीटर की कठिन यात्रा, जुबां पर ‘बोल बम’ सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर श्रद्धालु करीब 108 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी कर बाबा नगरी देवघर पहुंचते हैं। यह कांवरिया मार्ग भागलपुर, मुंगेर और बांका जिलों से होकर गुजरता है। हजारों श्रद्धालु कंधे पर कांवर लेकर लंबी यात्रा तय करते हैं और रास्ते भर ‘बोल बम’ के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते हैं। महीने भर श्रद्धालुओं की सुविधा पर प्रशासन की नजर श्रावणी मेले के दौरान कांवरियों की सुविधा, सुरक्षा और सुगम यात्रा के लिए भागलपुर जिला प्रशासन की ओर से पूरे सावन महीने व्यवस्थाएं की जा रही हैं। मेला क्षेत्रों और कांवरिया पथ पर प्रशासनिक तथा पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया है। अधिकारी श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी कर रहे हैं। डीएम-एसएसपी खुद ले रहे व्यवस्थाओं का जायजा श्रावणी मेले की व्यवस्थाओं पर वरिष्ठ अधिकारियों की भी सीधी नजर है। जिलाधिकारी (डीएम) अलंकृता पांडेय , वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमोद कुमार यादव और अपर समाहर्ता दिनेश राम समेत जिले के वरिष्ठ अधिकारी मेला क्षेत्र और कांवरिया मार्ग का भ्रमण कर श्रद्धालुओं को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा ले रहे हैं। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि लंबी पैदल यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को मूलभूत सुविधाओं और सुरक्षा को लेकर परेशानी न हो। तीन जिलों से गुजरता है कांवरिया पथ सुल्तानगंज से देवघर जाने वाला कांवरिया मार्ग बिहार के भागलपुर, मुंगेर और बांका जिलों से होकर गुजरता है। इसी वजह से तीनों जिलों के प्रशासन की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। विज्ञप्ति के अनुसार, श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाओं के साथ सुरक्षा की व्यवस्था की गई है। पुष्प वर्षा ने बढ़ाई श्रावणी मेले की भव्यता मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की विशेष पहल पर इस बार श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए पुष्प वर्षा का आयोजन किया गया।सावन में पहले से आस्था के रंग में डूबे कांवरिया पथ पर हेलिकॉप्टर से बरसते फूलों ने नजारे को और खास बना दिया। नीचे गेरुआ वस्त्रधारी कांवरियों का कारवां और ऊपर से बरसते फूलों के बीच ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों ने पूरे मेला क्षेत्र को शिवमय कर दिया।



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