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टोक्यो। भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने जापान ओपन 2026 के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। उन्हें क्वार्टर फाइनल में जापान की पूर्व विश्व चैंपियन नोजोमी ओकुहारा के हटने से वॉकओवर मिला और अब फाइनल में जगह बनाने के लिए उनका सामना टोक्यो ओलंपिक की स्वर्ण पदक विजेता चीन की चेन यूफेई से होगा। \ ओकुहारा के हटने से बिना खेले मिली जीत टोक्यो मेट्रोपॉलिटन जिम्नेजियम में खेले जाने वाले क्वार्टर फाइनल मुकाबले की शुरुआत भी नहीं हो सकी। जापान की स्टार खिलाड़ी नोजोमी ओकुहारा ने मैच से नाम वापस ले लिया, जिसके चलते पीवी सिंधु सीधे सेमीफाइनल में पहुंच गईं। दिलचस्प बात यह है कि ओकुहारा खुद भी प्री-क्वार्टर फाइनल में शीर्ष वरीयता प्राप्त दक्षिण कोरिया की एन से-यंग के हटने के बाद क्वार्टर फाइनल में पहुंची थीं। अब सबसे बड़ी चुनौती चेन यूफेई सेमीफाइनल में सिंधु के सामने चीन की स्टार शटलर और विश्व नंबर-4 चेन यूफेई होंगी। चेन यूफेई का इस सीजन में शानदार प्रदर्शन रहा है। उन्होंने 2026 बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर के सभी नौ टूर्नामेंटों में कम से कम सेमीफाइनल तक का सफर तय किया है और जनवरी में इंडोनेशिया मास्टर्स का खिताब भी अपने नाम किया था। हेड-टू-हेड में चेन का पलड़ा भारी पीवी सिंधु और चेन यूफेई के बीच अब तक 14 मुकाबले हुए हैं, जिनमें चेन ने 8 और सिंधु ने 6 मैच जीते हैं। सबसे बड़ी चुनौती यह है कि सिंधु पिछले चार मुकाबलों में लगातार चेन से हारती आई हैं। उन्होंने आखिरी बार 2019 विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में चेन को हराया था, जहां सिंधु ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था। सीजन का तीसरा सेमीफाइनल यह इस साल बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर में पीवी सिंधु का तीसरा सेमीफाइनल है। इससे पहले वह मलेशिया ओपन और ऑस्ट्रेलिया ओपन के अंतिम-4 तक पहुंची थीं, लेकिन दोनों बार फाइनल में जगह नहीं बना सकी थीं। सिंधु ने आखिरी बार 2024 सैयद मोदी इंटरनेशनल का खिताब जीता था और अब वह करीब दो साल बाद किसी बड़े वर्ल्ड टूर फाइनल में पहुंचने से सिर्फ एक जीत दूर हैं। टॉप-5 खिलाड़ी को हराकर बढ़ाया आत्मविश्वास सेमीफाइनल में पहुंचने से पहले सिंधु ने क्वार्टर फाइनल का टिकट हासिल करने के लिए दुनिया की पांचवें नंबर की खिलाड़ी चीन की हान यूए को हराकर शानदार प्रदर्शन किया था। इस जीत ने उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ाया है। जापान ओपन में भारत की आखिरी उम्मीद जापान ओपन 2026 में अब पीवी सिंधु भारत की इकलौती बची हुई खिलाड़ी हैं। लक्ष्य सेन और आयुष शेट्टी पहले ही दौर में बाहर हो गए जबकि सात्विक साईराज, रंकी रेड्डी और चिराग शेट्टी चोट के कारण अपना शुरुआती मुकाबला पूरा नहीं कर सके। वहीं मिश्रित युगल में ध्रुव कपिला और तनिषा क्रास्टो की जोड़ी भी प्री-क्वार्टर फाइनल में बाहर हो गई थी। अब पूरे भारत की निगाहें पीवी सिंधु पर हैं, जो 2019 के बाद पहली बार चेन यूफेई के खिलाफ जीत दर्ज कर फाइनल का टिकट हासिल करने की कोशिश करेंगी।



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