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नई दिल्ली। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में 23 जुलाई से शुरू हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (राष्ट्रमंडल खेल) में भारत का 124 सदस्यीय दल आठ खेलों और पांच पैरा खेलों में पदकों की चुनौती पेश करेगा, जहां ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा, मीराबाई चानू और कई स्टार खिलाड़ी भारत की सबसे बड़ी उम्मीद होंगे। चार मैदान, 13 खेल और भारत की बड़ी चुनौती भारतीय खिलाड़ी एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, भारोत्तोलन, जूडो, आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स, ट्रैक साइक्लिंग, लॉन बॉल्स और तैराकी में चुनौती पेश करेंगे। पैरा दल पैरा एथलेटिक्स, पैरा पावरलिफ्टिंग, पैरा तैराकी, पैरा ट्रैक साइक्लिंग और तीन गुणा तीन व्हीलचेयर बास्केटबॉल में उतरेगा। ये मुकाबले ग्लासगो के चार अलग-अलग आयोजन स्थलों पर खेले जाएंगे। यानी कहीं ट्रैक पर रफ्तार की जंग होगी, कहीं मुक्केबाजी रिंग में मुक्के बरसेंगे और कहीं भारोत्तोलक पदक के लिए वजन उठाते नजर आएंगे। नीरज के भाले पर टिकी रहेंगी करोड़ों निगाहें एथलेटिक्स के मुकाबले 27 जुलाई से शुरू होंगे और भारतीय खेमे का सबसे बड़ा आकर्षण नीरज चोपड़ा होंगे। पूर्व ओलंपिक और विश्व चैंपियन नीरज एक बार फिर पुरुष जैवलिन थ्रो ( भाला फेंक) में राष्ट्रमंडल खिताब जीतने के इरादे से मैदान पर उतरेंगे। नीरज का मुकाबला भारतीय खेल प्रेमियों के लिए प्रतियोगिता के सबसे प्रतीक्षित क्षणों में शामिल होगा। उनसे न केवल पदक, बल्कि स्वर्णिम प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। हालांकि, जारी कार्यक्रम में पुरुष भाला फेंक फाइनल की तारीख को लेकर अंतर दिखाई देता है। शुरुआती विवरण में इसे एक अगस्त बताया गया है, जबकि विस्तृत एथलेटिक्स कार्यक्रम में पुरुष भाला फेंक फाइनल 31 जुलाई को दर्ज है। मीराबाई से फिर सुनहरी लिफ्ट की उम्मीद वेट लिफ्टिंग (भारोत्तोलन) के मुकाबले 26 से 30 जुलाई तक खेले जाएंगे। दो बार की राष्ट्रमंडल खेल चैंपियन और ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू भारतीय चुनौती की प्रमुख दावेदारों में शामिल रहेंगी। इंडियन वेटलिफ्टर का अभियान 26 जुलाई को पुरुषों के 60 और 65 किलोग्राम तथा महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग के फाइनल से शुरू होगा। इसके बाद अलग-अलग भार वर्गों में लगातार पांच दिन पदकों का फैसला होगा। पहले दिन से रिंग में उतरेंगे भारतीय मुक्केबाज मुक्केबाजी प्रतियोगिता 24 जुलाई से शुरू होगी। पहले दिन महिलाओं के 54, 57 और 60 किलोग्राम वर्ग के साथ पुरुषों के 55, 65 और 70 किलोग्राम वर्ग के शुरुआती मुकाबले होंगे। भारतीय मुक्केबाजों के लिए 28 और 29 जुलाई को क्वार्टर फाइनल की चुनौती होगी, जबकि 31 जुलाई को सेमीफाइनल खेले जाएंगे। स्वर्ण पदकों का फैसला एक अगस्त को होने वाले फाइनल मुकाबलों में होगा। जूडो में तीन दिन चलेगी पदकों की लड़ाई जूडो के मुकाबले 31 जुलाई से दो अगस्त तक होंगे। पहले दिन महिलाओं के 48, 52 और 57 किलोग्राम तथा पुरुषों के 60 और 66 किलोग्राम वर्ग में मुकाबले खेले जाएंगे। एक अगस्त को महिलाओं के 63 और 70 किलोग्राम तथा पुरुषों के 73, 81 और 90 किलोग्राम वर्ग के पदक तय होंगे। प्रतियोगिता के अंतिम दिन भारी भार वर्गों में खिलाड़ी दांव लगाएंगे। पूल में छह दिन तक पदकों की बारिश तैराकी और पैरा तैराकी के मुकाबले 24 से 29 जुलाई तक होंगे। पहले ही दिन फ्रीस्टाइल, बैकस्ट्रोक, बटरफ्लाई, ब्रेस्टस्ट्रोक, व्यक्तिगत मेडले और रिले की कई स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी। हर दिन सुबह शुरुआती हीट और शाम को सेमीफाइनल तथा फाइनल होने से भारतीय तैराकों को एक ही दिन में कई दौर की चुनौती से गुजरना पड़ सकता है। पैरा तैराक भी अलग-अलग वर्गों में पदक के लिए उतरेंगे। वेल्स से होगी व्हीलचेयर बास्केटबॉल अभियान की शुरुआत महिलाओं की तीन गुणा तीन व्हीलचेयर बास्केटबॉल टीम 25 जुलाई को वेल्स के खिलाफ अपने अभियान का आगाज करेगी। भारतीय टीम 26 जुलाई को मेजबान स्कॉटलैंड और 27 जुलाई को नाइजीरिया से भिड़ेगी। ग्रुप चरण में बेहतर प्रदर्शन करने पर टीम 28 जुलाई को अगले दौर और 29 जुलाई को सेमीफाइनल व पदक मुकाबलों में उतर सकती है। जिम्नास्टिक्स से खुलेगा पदकों का रास्ता आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स की शुरुआत 24 जुलाई को पुरुष टीम फाइनल और व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन से होगी। अगले दिन महिला टीम उतरेगी, जबकि 26 जुलाई को पुरुष और महिला व्यक्तिगत ऑल-अराउंड फाइनल होंगे। 27 और 28 जुलाई को फ्लोर एक्सरसाइज, वॉल्ट, पोमेल हॉर्स, अनईवन बार्स, रिंग्स, बैलेंस बीम और पैरेलल बार्स जैसे उपकरण फाइनल खेले जाएंगे। लॉन बॉल्स में फिर इतिहास दोहराने की चुनौती लॉन बॉल्स के शुरुआती मुकाबले 24 जुलाई से खेले जाएंगे। पहले चरण में पुरुष एकल और महिला जोड़ियों की चुनौती होगी, जिसके पदक मुकाबले 28 जुलाई को संभावित हैं। इसके बाद पुरुष जोड़ी और महिला एकल के मुकाबले शुरू होंगे। भारतीय खिलाड़ियों की कोशिश पिछले राष्ट्रमंडल खेलों के यादगार प्रदर्शन को आगे बढ़ाने की होगी। ट्रैक साइक्लिंग में रफ्तार और रणनीति की परीक्षा ट्रैक और पैरा ट्रैक साइक्लिंग के मुकाबले 30 जुलाई से दो अगस्त तक होंगे। इनमें स्प्रिंट, टीम परस्यूट, व्यक्तिगत परस्यूट, टाइम ट्रायल, कीरिन, स्क्रैच रेस, एलिमिनेशन रेस और पॉइंट्स रेस शामिल हैं। भारतीय साइकिल चालकों को क्वालिफिकेशन से फाइनल तक लगातार कठिन दौरों से गुजरना होगा। कई स्पर्धाओं में एक ही दिन क्वालिफिकेशन और पदक मुकाबले रखे गए हैं। हर दिन दांव पर होंगे पदक भारतीय अभियान की शुरुआत 24 जुलाई को जिम्नास्टिक्स, मुक्केबाजी, तैराकी, लॉन बॉल्स और पैरा पावरलिफ्टिंग से होगी। इसके बाद भारोत्तोलन, एथलेटिक्स, साइक्लिंग और जूडो की चुनौती जुड़ती जाएगी। एक अगस्त भारत के लिए सबसे व्यस्त और अहम दिनों में शामिल होगा, जब एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, जूडो, साइक्लिंग और लॉन बॉल्स सहित कई खेलों में पदकों का फैसला होगा। नीरज चोपड़ा और मीराबाई चानू जैसे अनुभवी सितारों के साथ युवा तथा पैरा खिलाड़ी भी मैदान पर उतरेंगे—ऐसे में ग्लासगो में भारत का लक्ष्य सिर्फ भागीदारी नहीं, बल्कि पदक तालिका में मजबूत छलांग लगाना होगा।



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