Full Story

पटना। बिहार की सबसे चर्चित बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की आज भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जारी मतगणना के दूसरे राउंड में जनसुराज के उम्मीदवार प्रशांत किशोर (पीके) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा से 1161 मतों से आगे चल रहे हैं। निर्वाचन आयोग के अनुसार, दूसरे राउंड की गिनती समाप्त होने के बाद पीके को 3795 वोट मिले हैं। वहीं, भाजपा के नीरज कुमार सिन्हा 2634 मतों के साथ दूसरे और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की रेखा कुमारी 664 वोट लेकर तीसरे स्थान पर चल रही हैं। मतगणना के पहले राउंड में पीके को 1161 मतों की बढ़त जबकि भाजपा प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा को 1161 वोट और राजद की रेखा कुमारी को 3131 वोट का नुकसान हो रहा है। 31 राउंड में होगी वोटों की गिनती राज्य निर्वाचन कार्यालय ने बताया कि मतगणना 14 टेबल पर 31 राउंड में कराई जा रही है। निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं ताकि मतगणना शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके। तीन लेयर की सुरक्षा, 300 पुलिसकर्मी तैनात मतगणना केंद्र की सुरक्षा के लिए तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। करीब 300 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। इसके अलावा केंद्रीय सुरक्षा बल, विशेष कार्यबल (एसटीएफ), अश्वारोही दस्ता, डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ता भी मौजूद रहेगा। मतगणना केंद्र में आने वाले हर व्यक्ति की मेटल डिटेक्टर और हैंड हेल्ड डिटेक्टर से जांच की जाएगी। क्यूआर कोड पास के बिना नहीं मिलेगी एंट्री निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा को देखते हुए केवल अधिकृत लोगों को ही मतगणना केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी है। उम्मीदवारों, काउंटिंग एजेंटों और अधिकारियों को क्यूआर कोड आधारित पास जारी किए गए हैं। प्रवेश द्वार पर क्यूआर कोड स्कैन होने के बाद ही अंदर जाने की अनुमति मिलेगी। भाजपा, जन सुराज और राजद के बीच सीधी टक्कर बांकीपुर उपचुनाव में कुल 25 उम्मीदवार मैदान में हैं लेकिन मुख्य मुकाबला भाजपा के नीरज कुमार सिन्हा , जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर और राजद की रेखा गुप्ता के बीच माना जा रहा है। यह चुनाव प्रशांत किशोर के लिए पहली चुनावी परीक्षा है जबकि भाजपा के लिए अपनी परंपरागत सीट बचाने की चुनौती है। सिर्फ उपचुनाव नहीं, बिहार की राजनीति की बड़ी परीक्षा राजनीतिक जानकार इस उपचुनाव को सिर्फ एक सीट का चुनाव नहीं मान रहे हैं। इसे बिहार की बदलती राजनीति, भाजपा की संगठनात्मक ताकत, जन सुराज के राजनीतिक भविष्य और महागठबंधन की जमीन की बड़ी परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है। नतीजे यह तय करेंगे कि भाजपा अपना तीन दशक पुराना गढ़ बचा पाती है या प्रशांत किशोर पहली ही चुनावी लड़ाई में बड़ा राजनीतिक संदेश देने में सफल होते हैं। 1995 से भाजपा का अजेय किला बांकीपुर विधानसभा सीट पर 1995 से लगातार भाजपा का कब्जा रहा है। पहले श्री नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा और बाद में उनके पुत्र नितिन नवीन लगातार यहां से चुनाव जीतते रहे। 2025 के विधानसभा चुनाव में श्री नितिन नवीन विधायक चुने गए थे लेकिन राज्यसभा सदस्य बनने के बाद उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इसी कारण इस सीट पर उपचुनाव कराना पड़ा। कम मतदान ने बढ़ाई सभी दलों की बेचैनी 30 जुलाई को हुए मतदान में केवल 34.30 प्रतिशत वोट पड़े, जो 2025 के विधानसभा चुनाव के 41.39 प्रतिशत मतदान से करीब 7 प्रतिशत कम है। कम मतदान ने सभी राजनीतिक दलों की चिंता बढ़ा दी है। भाजपा इसे अपने परंपरागत मतदाताओं की कम भागीदारी से जोड़कर देख रही है। वहीं, जन सुराज का दावा है कि शांत मतदान बदलाव की आहट है। दूसरी ओर राजद का कहना है कि उसके समर्थक पूरी संख्या में मतदान करने पहुंचे थे।