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एवियन (फ्रांस)/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बैठक में होर्मुज क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वैश्विक समुद्री व्यापार की जीवनरेखा माने जाने वाले इस मार्ग की सुरक्षा और वहां काम कर रहे लाखों नाविकों की सलामती किसी भी शांति प्रयास की प्राथमिकता होनी चाहिए। श्री मोदी ने बुधवार को यहां जी-7 शिखर सम्मेलन के इतर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई अहम द्विपक्षीय बैठक में खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा मजबूती से उठाया। उन्होंने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और हाल ही में होर्मुज क्षेत्र में तीन भारतीय नाविकों की मौत की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि समुद्री व्यापार को गति देने वाले लाखों नाविकों की सुरक्षा किसी भी शांति और समझौते का अभिन्न हिस्सा होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने करीब 16 महीने बाद आमने-सामने हुई इस मुलाकात में पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति, वैश्विक समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय स्थिरता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति के शांति प्रयासों की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि ईरान और अमेरिका के बीच होने वाले किसी भी समझौते में नाविकों की सुरक्षा को विशेष महत्व दिया जाएगा। "दुनिया की प्रगति में भारतीय नाविकों का बड़ा योगदान" श्री मोदी ने कहा कि समुद्री व्यापार की दुनिया में लाखों भारतीय नाविक विभिन्न देशों और जहाजों पर सेवाएं दे रहे हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए उनकी सुरक्षा को लेकर दुनिया को गंभीर होना होगा। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य केवल एक समुद्री मार्ग नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा और व्यापार आपूर्ति श्रृंखला की जीवनरेखा है। ऐसे में इस मार्ग का खुला और सुरक्षित रहना पूरी दुनिया के हित में है। तीन भारतीय नाविकों की मौत बना चिंता का कारण प्रधानमंत्री का यह मुद्दा उठाना इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि हाल ही में होर्मुज क्षेत्र में एक व्यापारिक जहाज पर हुए अमेरिकी नौसैनिक हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद भारत सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिका के प्रभारी राजदूत को तलब कर विरोध दर्ज कराया था। ट्रंप ने दिया सहयोग का भरोसा श्री मोदी की चिंता पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने माना कि समुद्री क्षेत्र में काम करना जोखिम भरा होता है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं और अमेरिका इस मुद्दे पर भारत के साथ मिलकर काम करेगा। उन्होंने भारत-अमेरिका रणनीतिक और रक्षा साझेदारी को मजबूत बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग लगातार बढ़ रहा है। भारत-अमेरिका संबंधों पर भी हुई चर्चा बैठक के दौरान प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि भारत और अमेरिका के संबंधों में नई गति आई है और दोनों देशों की टीमें साझा लक्ष्यों को हासिल करने के लिए तेजी से काम कर रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच आर्थिक, सामरिक और तकनीकी सहयोग और मजबूत होगा। पश्चिम एशिया में भारत की भूमिका पर ट्रंप की टिप्पणी श्री ट्रंप ने पश्चिम एशिया में भारत की संभावित भूमिका को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा, "भारत आज वैश्विक मंच पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और जब तक नरेंद्र मोदी नेतृत्व में हैं, भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रभावशीलता लगातार बढ़ती रहेगी।" उन्होंने अपनी पिछली भारत यात्रा को याद करते हुए कहा कि वह उनके राजनीतिक जीवन की सबसे यादगार यात्राओं में से एक रही।



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