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पटना। बिहार की राजधानी पटना की एक सत्र अदालत ने एक दुकानदार की हत्या कर लाश दुकान में ही दफन कर देने के जुर्म में आज उसके एक कर्मचारी को आजीवन कारावास के साथ ही 35 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। हत्या और साक्ष्य छुपाने का दोषी जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय शैलेंद्र कुमार ने मामले में सुनवाई के बाद बांका जिले के गोरैया थाना क्षेत्र स्थित रामपुर गांव निवासी रबुल मंसूर उर्फ रबुल मंसूरी को भारतीय दंड विधान की धारा 302 और 201 के तहत हत्या और साक्ष्य छुपाने का दोषी करार देने के बाद यह सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर दोषी को नौ माह के कारावास की सजा अलग से भुगतनी होगी। रुपयों के विवाद में हत्या का आरोप आरोप के अनुसार, पटना के कंकड़बाग थाना क्षेत्र स्थित रामलखन पथ में मृतक अनिल कुमार की मुर्गा की दुकान थी। दोषी रबुल मंसूरी उसकी दुकान में मुर्गा काटने का काम करता था। रुपयों के विवाद के कारण दोषी ने मृतक को मुर्गा काटने के हथियार से जख्मी कर उसकी हत्या कर दी और दुकान में ही उसका शव जमीन खोदकर छुपा दिया था। खोजबीन करने पर मृतक का शव दुकान से बरामद किया गया था । मामले की प्राथमिकी कंकड़बाग थाना में दर्ज की गई थी। अभियोजन ने इस मामले में आरोप साबित करने के लिए दस गवाहों का बयान अदालत में कलमबंद करवाया था।