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पटना। बिहार की राजधानी पटना स्थित केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने के मामले में दो पूर्व सैन्यकर्मियों को आज दो-दो वर्ष के सश्रम कारावास के साथ ही 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सीबीआई की विशेष अदालत ने सुनाया फैसला सीबीआई के विशेष न्यायाधीश मोहम्मद रुस्तम ने मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अवकाश प्राप्त सैन्यकर्मी बद्रीनाथ सिंह और अर्जित तिवारी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि यदि दोनों दोषी 10-10 हजार रुपये का जुर्माना जमा नहीं करते हैं, तो उन्हें एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। भर्ती परीक्षा में पास कराने के नाम पर लाखों रुपये वसूले सीबीआई की वरीय विशेष लोक अभियोजक शशि विश्वकर्मा ने बताया कि वर्ष 2013 में पटना, मुजफ्फरपुर, किशनगंज और रांची में एसएसबी के हेड कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के दौरान दोनों आरोपियों ने अभ्यर्थियों से तीन-तीन लाख रुपये लेकर उन्हें परीक्षा में पास कराने का जिम्मा लिया था। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक कराने , अभ्यर्थियों की जगह स्कॉलर (दूसरे व्यक्ति) को परीक्षा में बैठाने और अन्य अवैध तरीकों से चयन कराने का काम करते थे। परीक्षा से पहले ही ले लिया था एडवांस अभियोजन के अनुसार, 12 जून 2013 को प्रस्तावित परीक्षा के लिए आरोपियों ने कई अभ्यर्थियों से एक-एक लाख रुपये एडवांस भी ले लिए थे। सीबीआई ने मामले का खुलासा होने के बाद दोनों आरोपियों को 2 जून 2013 को गिरफ्तार कर लिया था। जांच पूरी होने के बाद उनके खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया गया। 15 गवाहों के बयान से साबित हुआ मामला अभियोजन पक्ष ने अदालत में आरोप साबित करने के लिए 15 गवाहों के बयान दर्ज कराए। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।



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