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काकामिगाहारा (जापान)। पांच मैच, पांच जीत और अब इतिहास से सिर्फ दो कदम की दूरी। एशियन गेम्स 2026 में अब तक अजेय रही भारतीय महिला हॉकी टीम बुधवार को सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया से भिड़ेगी, जहां जीत उसे खिताबी मुकाबले में पहुंचाने के साथ 44 साल बाद एशियन गेम्स गोल्ड जीतने के सपने के एक कदम और करीब ले जाएगी। भारत ने महिला हॉकी में अपना एकमात्र एशियन गेम्स स्वर्ण पदक 1982 में जीता था। अब टीम उस लंबे इंतजार को खत्म करने से महज दो जीत दूर है। पांच मैच, पांच जीत...अब असली परीक्षा भारत ने पूल-बी में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए अपने सभी पांच मुकाबले जीते और शीर्ष स्थान हासिल किया। हालांकि सेमीफाइनल में चुनौती आसान नहीं होगी क्योंकि सामने दक्षिण कोरिया की मजबूत टीम है। दक्षिण कोरिया ने पूल-ए में पांच में से चार मुकाबले जीतकर चीन के बाद दूसरा स्थान हासिल किया। उसकी एकमात्र हार चीन के खिलाफ 0-3 से हुई जबकि बांग्लादेश पर उसने 8-0 की अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की। भारत ने पूल में बरसाए गोल भारतीय टीम का पूल चरण में आक्रमण बेहद आक्रामक रहा। भारत ने अभियान की शुरुआत उज्बेकिस्तान को 19-0 से हराकर की और इसके बाद इंडोनेशिया को 17-1 तथा थाईलैंड को 20-1 से करारी शिकस्त दी। मेजबान जापान के खिलाफ मुकाबला कड़ा रहा लेकिन भारत ने उसे भी 3-1 से हराया। आखिरी पूल मुकाबले में भारतीय टीम ने सिंगापुर को 7-0 से हराकर लगातार पांचवीं जीत दर्ज की। दीपिका का तूफान, पांच मैचों में 21 गोल भारत के शानदार अभियान में ड्रैग फ्लिक विशेषज्ञ दीपिका का प्रदर्शन सबसे ज्यादा सुर्खियों में रहा है। वह पांच मैचों में 21 गोल दागकर टूर्नामेंट की स्कोरिंग सूची में सबसे आगे हैं। अनुभवी फॉरवर्ड नवनीत कौर 10 गोल के साथ दूसरे स्थान पर हैं। इनमें सात फील्ड गोल शामिल हैं। नवनीत पेनल्टी कॉर्नर के दौरान भी भारत के लिए एक विकल्प रही हैं जबकि दीपिका फॉरवर्ड लाइन में अपनी भूमिका के साथ ड्रैग फ्लिक की जिम्मेदारी भी निभा रही हैं। गोल मशीन बनी भारतीय फॉरवर्ड लाइन भारत का आक्रमण केवल दीपिका और नवनीत तक सीमित नहीं रहा है। रुतुजा दादासो पिसाल ने सात, लालरेमसियामी ने छह और इशिका ने पांच गोल किए हैं। इन आंकड़ों ने सेमीफाइनल से पहले भारत के पास मौजूद आक्रामक विकल्पों की गहराई दिखाई है। गोलपोस्ट पर सविता-बिचू देवी का भरोसा आक्रमण के साथ भारतीय गोलकीपिंग भी अहम होगी। अनुभवी गोलकीपर सविता टीम को नेतृत्व और अनुभव दे रही हैं जबकि बिचू देवी भी गोलपोस्ट के बीच भरोसेमंद विकल्प के रूप में मौजूद हैं। दक्षिण कोरिया के खिलाफ दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी क्योंकि कोरियाई आक्रमण पूल चरण की कई प्रतिद्वंद्वी टीमों के मुकाबले भारतीय डिफेंस की ज्यादा कड़ी परीक्षा ले सकता है। कोच बोले- अब बड़ी चुनौती सामने भारतीय टीम के मुख्य कोच शोर्ड मारिन ने सेमीफाइनल की चुनौती को स्वीकार करते हुए कहा कि टीम ट्रेनिंग के जरिए अपनी लय बनाए हुए है और हर खिलाड़ी को अपनी जिम्मेदारी पता है। उन्होंने कहा कि जापान को छोड़कर पूल चरण में भारत के सामने चुनौती उतनी बड़ी नहीं थी, लेकिन अब एशियन गेम्स सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया के रूप में बड़ी चुनौती सामने है और टीम इस मुकाबले को लेकर उत्साहित है। इस कोरियाई खिलाड़ी से रहना होगा सावधान दक्षिण कोरिया के लिए मिडफील्डर सियुंगए पार्क अहम खिलाड़ी होंगी। वह टूर्नामेंट में अब तक आठ गोल कर चुकी हैं। ऐसे में भारतीय डिफेंस के सामने उनकी आक्रामक लय को रोकने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। गिफू में पिछले दो-तीन दिनों से आसमान में बादल छाए रहे हैं। सोमवार को तेज बारिश के कारण पुरुष हॉकी में पाकिस्तान और ओमान का मुकाबला भी करीब 15 से 20 मिनट के लिए रोकना पड़ा था। हालांकि बुधवार के लिए मौसम साफ और धूप रहने का पूर्वानुमान बताया गया है। इतिहास से अब सिर्फ दो जीत की दूरी भारत के लिए यह सेमीफाइनल सिर्फ फाइनल में जगह बनाने की लड़ाई नहीं है। इसके साथ जुड़ा है 44 साल का इंतजार। भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में अपना पहला और अब तक का एकमात्र स्वर्ण पदक 1982 में जीता था। अब टीम लगातार पांच जीत के बाद उस इतिहास को दोहराने से केवल दो मुकाबले दूर खड़ी है। पहला पड़ाव दक्षिण कोरिया है। भारत-दक्षिण कोरिया सेमीफाइनल बुधवार को जापान के काकामिगाहारा स्थित कावासाकी जुको स्टेडियम में स्थानीय समयानुसार शाम 7 बजे और भारतीय समयानुसार दोपहर 3:30 बजे शुरू होगा।