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नई दिल्ली। नीट-यूजी पेपर लीक, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग को लेकर मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को भी लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के जबरदस्त हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही दो-दो बार स्थगित होने के बाद पूरे दिन के लिए स्थगित करनी पड़ी, जिससे कोई भी विधायी कामकाज नहीं हो सका। इससे पहले मॉनसून सत्र के पहले दिन सोमवार को भी इसी मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे के चलते संसद की कार्यवाही प्रभावित हुई थी। राज्यसभा में खरगे ने उठाया छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संसद मार्च कर रहे प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल का मुद्दा उठाया। उन्होंने इसे बेहद गंभीर और दुखद घटना बताया। श्री खरगे के बोलते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। सदन में लगातार बढ़ते शोर-शराबे और अव्यवस्था के बीच सभापति ने पहले कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित की। बाद में हंगामा जारी रहने पर सदन की कार्यवाही पहले दो बजे तक और फिर पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। लोकसभा में भी नहीं चल सका प्रश्नकाल लोकसभा में भी कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, एनसीपी और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने नीट पेपर लीक और छात्रों पर कार्रवाई को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह करते हुए कहा कि प्रश्नकाल सरकार से जवाब मांगने का सबसे महत्वपूर्ण मंच होता है। इसके बावजूद विपक्ष का विरोध जारी रहा, जिसके चलते सदन की कार्यवाही पहले 12 बजे तक, फिर दो बजे तक और अंत में पूरे दिन के लिए स्थगित करनी पड़ी। तख्तियां और बैनर लेकर वेल में पहुंचे विपक्षी सांसद विपक्षी सांसद इन मुद्दों पार विरोध जताने के लिए हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सदन के बीच में आ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। विपक्ष का कहना था कि सरकार नीट पेपर लीक और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा से बच रही है। विपक्ष ने मांग की कि सरकार इस पूरे मामले पर सदन में विस्तृत चर्चा कराए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें। लगातार दूसरे दिन नहीं हो सका कोई विधायी काम संसद में लगातार दूसरे दिन हंगामे के कारण कोई भी विधायी कार्य नहीं हो सका। सदन की कार्यसूची में सूचीबद्ध राष्ट्र गीत वंदेमातरम के अपमान से संबंधित 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026' भी पेश नहीं किया जा सका। लोकसभा में भी निर्धारित विधायी कार्य विपक्ष के विरोध की वजह से नहीं हो पाए।



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