Full Story

पटना। बिहार लोक सेवा आयोग ( बीपीएससी ) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के अंतिम परिणाम में जहां श्रद्धा पांडे ने पूरे राज्य में टॉप कर सफलता का नया मानक स्थापित किया है, वहीं टॉप-10 में पांच महिलाओं की जगह और कुल 2027 सफल अभ्यर्थियों में 310 महिला उम्मीदवारों की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया है कि प्रशासनिक सेवाओं में बिहार की बेटियां अब सिर्फ भागीदारी नहीं बल्कि नेतृत्व की भूमिका में भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं। टॉप-10 में आधी सीटों पर महिलाओं का कब्जा बीपीएससी 70वीं के परिणाम में सबसे खास बात यह रही कि शीर्ष 10 सफल अभ्यर्थियों में पांच महिलाएं शामिल हैं। टॉपर श्रद्धा पांडे के अलावा रश्मि किरण, चंद्रकांता कुमारी, उपासना शर्मा और प्रिया ने भी टॉप-10 में जगह बनाई। यह प्रदर्शन दर्शाता है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में महिलाओं की तैयारी और सफलता का स्तर लगातार मजबूत हो रहा है। टॉप-10 की महिला अभ्यर्थी श्रद्धा पांडे – रैंक 1 रश्मि किरण – रैंक 6 चंद्रकांता कुमारी – रैंक 8 उपासना शर्मा – रैंक 9 प्रिया – रैंक 10 310 महिलाओं ने हासिल की सफलता अंतिम परिणाम पर नजर डालें तो कुल 2027 सफल अभ्यर्थियों में 310 महिलाएं शामिल हैं। यह संख्या केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि उस सामाजिक बदलाव का संकेत है जिसमें बेटियां शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से नेतृत्वकारी भूमिकाओं तक पहुंच रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में लड़कियों की शिक्षा, कोचिंग सुविधाओं तक पहुंच, परिवारों का बढ़ता सहयोग और सरकारी योजनाओं का सकारात्मक असर अब परिणामों में साफ दिखाई देने लगा है। टॉप रैंकर बनीं प्रेरणा पूरे राज्य में प्रथम स्थान हासिल करने वाली श्रद्धा पांडे अब हजारों प्रतियोगी छात्रों, खासकर छात्राओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। उनकी सफलता ने यह संदेश दिया है कि मेहनत, अनुशासन और सही रणनीति के दम पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। सुश्री पांडे उत्तर प्रदेश की रहने वाली वाली हैं और उन्हें कुल 593 अंक प्राप्त हुए हैं। आठवीं रैंक प्राप्त चंद्रकांता कुमारी बिहार के कैमूर जिले की रहने वाली हैं। उस इस चयन के बाद वह वरीय उपसमहर्ता की जिम्मेवारी संभालेंगी। हालांकि वर्तमान में वह प्रखंड विकास पदाधिकारी ( बीडीओ ) के पद पर कार्यरत हैं और सीतामढ़ी जिले के बोखरा प्रखंड में पदस्थापित हैं। वह भूगोल विषय से स्नातकोत्तर हैं। चंद्रकांता कुमारी बीडीओ जैसे जिम्मेवार पद पर रहते हुए भी ख़ुद की प्रगति की राह बनती रहीं। ऐसे भाग-दौड़ वाले पद की ज़िम्मेदारी संभालते हुए भी उन्होंने अपने सपनों को उड़ान देने के लिए समय निकाला और अपनी पढ़ाई जारी रखी। यह उनके अनुशासन, लक्ष्य के प्रति समर्पण और निरंतर आगे बढ़ते रहने ललक को दर्शाता है, जो सभी के लिए प्रेरणादायी है। प्रशासनिक सेवाओं में बढ़ेगा महिलाओं का प्रतिनिधित्व बीपीएससी 70वीं परीक्षा के माध्यम से चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति बिहार प्रशासनिक सेवा, पुलिस सेवा, राजस्व सेवा, नगर प्रशासन, शिक्षा प्रशासन और अन्य महत्वपूर्ण विभागों में की जाएगी। ऐसे में बड़ी संख्या में महिलाओं का चयन प्रशासनिक व्यवस्था में उनकी भूमिका को और मजबूत करेगा। महिला अधिकारियों की बढ़ती संख्या से न केवल प्रशासन में विविधता बढ़ेगी बल्कि महिला सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण से जुड़े मुद्दों पर भी संवेदनशील और प्रभावी दृष्टिकोण विकसित होने की उम्मीद है। नारी शक्ति का मजबूत संदेश इनके अलावा कई और महिलाओं ने कामयाबी का परचम लहराया है। इनमें प्रीति कौशिक (रैंक 12), तृप्ति कुमारी (रैंक 14), रिया रानी साह (रैंक 16), नेहा राय (रैंक 17), वैष्णवी (रैंक 19), प्रियंका कुमारी (रैंक 21), आस्था दामले (रैंक 23), निहारिका वत्स (रैंक 24), प्रितिशा (रैंक 25), यासमीन बानो (रैंक 33), आकांक्षा सिंह (रैंक 34), साहेबा खान (रैंक 35), काजल कुमारी (रैंक 36), रितिका झा (रैंक 43), रचिथा एस (रैंक 44), वैष्णवी चौधरी (रैंक 47), सोनाली सिंह (रैंक 52), खुशबू कुमारी (रैंक 54), मनीषा भारती (रैंक 55), प्राची प्रिया (रैंक 56), प्रियंका यादव (रैंक 58), अनीमा सिंह (रैंक 59), नम्रता (रैंक 66), मावरा जफर (रैंक 74), कुमारी दीपिका (रैंक 82), तनुजा चंद्रिका (रैंक 84), श्वेता भारती (रैंक 85), श्वेता श्री (रैंक 86) और प्रीति कुमारी (रैंक 102) शामिल हैं।