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पटना। मकान खाली कराने की रंजिश में दो मासूम बच्चों का अपहरण कर उनकी बेरहमी से हत्या करने वाले दोषी को पटना की एक सत्र अदालत ने सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 1.10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह सनसनीखेज वारदात मार्च 2024 में पटना जिले के धनरूआ थाना क्षेत्र में हुई थी। दो बच्चों का अपहरण फिर कर दी हत्या अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-31 की अदालत ने धनरूआ थाना क्षेत्र के बलवा गांव निवासी गणेश कुमार को भारतीय दंड संहिता की धारा 364 (अपहरण), 302 (हत्या) और 201 (साक्ष्य मिटाने) के तहत दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने आदेश दिया कि यदि दोषी जुर्माने की राशि जमा नहीं करता है तो उसे छह माह के कारावास की सजा अलग से भुगतनी होगी। मकान खाली कराने का लिया था खौफनाक बदला विशेष लोक अभियोजक त्रिलोकी प्रसाद यादव ने अदालत को बताया कि 06 मार्च 2024 को आरोपी ने अखिलेश कुमार के तीन वर्षीय पुत्र ऋषभ और अरुण प्रसाद के 12 वर्षीय पुत्र कुणाल का अपहरण कर लिया था। इसके बाद दोनों मासूमों की बेरहमी से हत्या कर दी गई और पहचान छुपाने तथा साक्ष्य मिटाने की नीयत से उनके शवों को छुपा दिया गया। रंजिश बनी दो मासूमों की मौत की वजह अभियोजन के अनुसार, आरोपी पहले मृतक बच्चों के पिता का किरायेदार था। मकान खाली कराने के बाद वह उनसे रंजिश रखने लगा और बदला लेने की नीयत से इस दिल दहला देने वाली वारदात को अंजाम दिया। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था। अदालत में अभियोजन पक्ष ने मामले को मजबूत बनाने के लिए आठ गवाहों के बयान दर्ज कराए। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।