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पटना। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने शिक्षक भर्ती परीक्षा टीआरई-4 के पैटर्न में बड़ा बदलाव करते हुए 32,388 पदों पर भर्ती के लिए इस बार प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) और मुख्य परीक्षा (मेंस) की दो-स्तरीय चयन प्रक्रिया लागू की है जबकि इससे पहले टीआरई-1, टीआरई-2 और टीआरई-3 में अभ्यर्थियों का चयन केवल एक लिखित परीक्षा के आधार पर किया जाता था। पहली बार दो चरणों में होगी टीआरई की परीक्षा बीपीएससी की ओर से शुक्रवार को जारी परीक्षा कैलेंडर के अनुसार, टीआरई-4 से पहले आयोजित हुईं टीआरई-1, टीआरई-2 और टीआरई-3 परीक्षाओं में अभ्यर्थियों का चयन केवल एक लिखित परीक्षा के आधार पर किया गया था। उम्मीदवारों को अलग से पीटी और मेंस परीक्षा नहीं देनी पड़ती थी। अब टीआरई-4 में यह व्यवस्था बदल दी गई है। उम्मीदवारों को पहले प्रारंभिक परीक्षा पास करनी होगी और इसके बाद सफल अभ्यर्थी मेंस परीक्षा में शामिल होंगे। यानी इस बार चयन प्रक्रिया पहले के मुकाबले एक चरण लंबी और अधिक प्रतिस्पर्धी होगी। 32,388 पदों पर होगी शिक्षक भर्ती बीपीएससी की ओर से शुक्रवार को जारी परीक्षा कैलेंडर में टीआरई-4 के लिए 32,388 रिक्त पद दिखाए गए हैं। कैलेंडर में स्पष्ट किया गया है कि इस भर्ती प्रक्रिया में पीटी और मेंस, दोनों परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। हालांकि आयोग ने फिलहाल परीक्षा की निश्चित तारीख घोषित नहीं की है। कैलेंडर में पीटी की तारीख के सामने टीबीडी यानी बाद में तय की जाने वाली तारीख लिखा गया है। विज्ञापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद आएगी पीटी की तारीख बीपीएससी के परीक्षा कैलेंडर के अनुसार, टीआरई-4 के विज्ञापन की निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद प्रारंभिक परीक्षा की तारीख जारी की जाएगी। पीटी में सफल होने वाले उम्मीदवार ही मुख्य परीक्षा में बैठ सकेंगे। इसका सीधा मतलब है कि अभ्यर्थियों को अब केवल एक परीक्षा के बजाय दो अलग-अलग चरणों की रणनीति बनाकर तैयारी करनी होगी। टीआरई-1, टीआरई-2 और टीआरई-3 में था अलग पैटर्न इससे पहले आयोजित तीनों शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में एक ही लिखित परीक्षा ली गई थी। उसी परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट सूची तैयार की गई और नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। टीआरई-4 में पीटी और मेंस का प्रावधान लागू होने के बाद यह बिहार की पिछली शिक्षक भर्तियों से अलग प्रक्रिया बन जाएगी। 72वीं बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा 25 अक्टूबर को बीपीएससी ने अपने परीक्षा कैलेंडर में 72वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा की तारीख भी घोषित कर दी है। कैलेंडर के अनुसार, 72वीं सीसीई की पीटी 25 अक्टूबर 2026 को आयोजित होगी। इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से कुल 1,189 पदों को भरा जाना है। एईडीओ के 935 पद भी कैलेंडर में शामिल परीक्षा कैलेंडर में असिस्टेंट एजुकेशन डेवलपमेंट ऑफिसर यानी एईडीओ के 935 पदों की भर्ती भी शामिल है। इस भर्ती में भी उम्मीदवारों को पीटी और मेंस परीक्षा देनी होगी। हालांकि इसकी परीक्षा तारीख अभी घोषित नहीं की गई है और कैलेंडर में इसे भी टीबीडी रखा गया है। 29 जुलाई को मुख्यमंत्री ने दी थी भर्ती की जानकारी टीआरई-4 के तहत 32,388 शिक्षकों की भर्ती की जानकारी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 29 जुलाई को सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा की थी। बताया गया था कि शिक्षा विभाग ने इन पदों से संबंधित अधियाचना बीपीएससी को भेज दी है। मुख्यमंत्री ने कहा था कि सरकार युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और बिहार की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। हर साल 20 हजार शिक्षक बहाल करने की योजना राज्य सरकार ने 22 मई 2026 को हर वर्ष करीब 20 हजार शिक्षकों की भर्ती करने का फैसला लिया था। टीआरई-4 की भर्ती प्रक्रिया को इसी योजना से जोड़कर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की बैठक के बाद सरकार ने घोषणा की थी कि अब शिक्षक भर्ती नियमित रूप से हर साल आयोजित की जाएगी। पांच साल में एक लाख नियुक्तियों का लक्ष्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में कुल एक लाख शिक्षकों की नियुक्ति का लक्ष्य रखा है। इस योजना के तहत बीपीएससी की ओर से हर साल जुलाई में शिक्षक भर्ती परीक्षा का विज्ञापन जारी किए जाने का निर्णय लिया गया है। शिक्षा विभाग प्रत्येक वर्ष सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों की संख्या और उपलब्ध रिक्तियों का आकलन कर आयोग को अधियाचना भेजेगा। अभ्यर्थियों के लिए क्या बदल जाएगा टीआरई-4 में पीटी और मेंस लागू होने से अभ्यर्थियों के लिए तैयारी का तरीका भी बदल जाएगा। अब केवल अंतिम परीक्षा पर फोकस करने के बजाय उम्मीदवारों को पहले स्क्रीनिंग चरण पार करना होगा और उसके बाद विस्तृत मुख्य परीक्षा की तैयारी करनी होगी। 32,388 पदों की बड़ी संख्या उम्मीदवारों के लिए अवसर जरूर लेकर आई है, लेकिन दो चरणों की परीक्षा के कारण मुकाबला पहले से ज्यादा कठिन होने की संभावना है। फिलहाल अभ्यर्थियों की नजर बीपीएससी के विस्तृत विज्ञापन, पाठ्यक्रम और परीक्षा की तारीख पर टिकी है।