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मोतिहारी। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में अपराधियों पर पुलिस की सख्ती के के नाम पर वर्दी की आड़ में अवैध वसूली का खेल उजागर हुआ है। पुलिस के नाम पर लोगों को डराने-धमकाने और गलत मुकदमे में फंसाने का भय दिखाकर रुपये मांगने के आरोप में नगर थाना के बाइक सेल में प्रतिनियुक्त दो सिपाहियों को गिरफ्तार किया गया है। मामले में सामने आया पांच हजार रुपये का यूपीआई ट्रांजेक्शन पुलिस जांच में अहम कड़ी बना है। घटना 11 सितंबर की देर शाम मोतिहारी निगम वार्ड संख्या 33 में मजुराहां इलाके की बताई जा रही है। पुलिस को सूचना मिली कि दो व्यक्ति पुलिस के नाम पर कथित तौर पर लोगों से रुपये की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने दोनों को रोक लिया और इसकी सूचना रघुनाथपुर थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही नगर थाना प्रभारी, रघुनाथपुर थाना प्रभारी और सदर डीएसपी-1 दिलीप कुमार मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों के आरोप के बाद शुरू हुई जांच पुलिस के अनुसार, ग्रामीणों ने बताया कि दोनों की कथित गतिविधियां पिछले कुछ दिनों से जारी थीं। इसके बाद पुलिस ने दोनों से पूछताछ के साथ तकनीकी साक्ष्यों की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि 08 सितंबर को वार्ड पार्षद पति राकेश सिंह के मोबाइल से सिपाही राजीव कुमार के यूपीआई खाते में पांच हजार रुपये भेजे गए थे। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में राकेश सिंह ने बताया कि उस दिन एक बाइक सवार को पकड़ा गया था और उससे रुपये की मांग की गई थी। काफी आग्रह के बाद उसने कुछ राशि दी थी। पुलिस इस डिजिटल लेन-देन को कथित वसूली के आरोपों से जोड़कर जांच कर रही है। दो सिपाही गिरफ्तार, डीएसपी स्तर के अधिकारी करेंगे जांच मामले में पुलिस ने सिपाही संख्या 57 राजीव कुमार और सिपाही संख्या 679 आशीष कुमार को गिरफ्तार किया है। राजीव कुमार नालंदा जिले के मानपुर थाना क्षेत्र के धनराज बिगहा तथा आशीष कुमार सुपौल जिले के भपटियाही थाना क्षेत्र के नारायणपुर का निवासी बताया गया है। दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच डीएसपी स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। डीएसपी का स्पष्ट संदेश : वर्दी कानून से ऊपर नहीं सदर डीएसपी-1 दिलीप कुमार ने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और पुलिस की वर्दी किसी को कानून से ऊपर नहीं करती। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति, चाहे वह पुलिसकर्मी ही क्यों नहीं हो, गलत आचरण की पुष्टि होने पर उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले में फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के निष्कर्ष के बाद ही होगी।



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