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पटना। बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार 11 बजे दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई। सत्र की शुरुआत में ही नीट पर हंगामा सदन की कार्यवाही शुरू होते ही राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक आलोक मेहता और भाई वीरेंद्र ने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पेपर लीक और गड़बड़ियों ने लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने उन्हें नियमों का हवाला देते हुए कहा कि इस मुद्दे को तय प्रक्रिया के तहत उचित समय पर उठाया जाए। सभाध्यक्ष का संदेश- जनहित सबसे ऊपर विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि विधानसभा सिर्फ कानून बनाने का मंच नहीं बल्कि लोकतंत्र और जनकल्याण का सबसे महत्वपूर्ण संस्थान है। उन्होंने सभी विधायकों से अपील की कि वे व्यक्तिगत और राजनीतिक हितों से ऊपर उठकर जनता के हितों को प्राथमिकता दें और सदन की गरिमा बनाए रखें। ### मानसून सत्र के लिए हुई अहम घोषणाएं अध्यक्ष ने मानसून सत्र के लिए रामनारायण मंडल, श्याम रजक, आलोक मेहता और ज्योति देवी को पीठासीन पदाधिकारी बनाए जाने की घोषणा की। साथ ही कार्यमंत्रणा समिति के गठन की भी जानकारी दी, जो सत्र के कामकाज का संचालन करेगी। सदन में पेश हुए कई अहम बिल वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट सदन में पेश किया। वहीं संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने बिहार नर्सेज पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 और बिहार मेडिकल (संशोधन) विधेयक, 2026 प्रस्तुत किया। इसके अलावा राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल ने बिहार कृषि भूमि (गैर-कृषि प्रयोजनों के लिए रूपांतरण) (निरसन) विधेयक, 2026 और बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक, 2026 सदन में पेश किए। बिहार निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026 भी सदन के पटल पर रखा गया। दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि, फिर स्थगित हुई कार्यवाही सदन ने पूर्व विधायकों रामेश्वर पासवान, बागी कुमार वर्मा, माधव लाल सिंह, राम प्रसाद सिंह, अनवर अहमद, अंबिका सिंह, नागेंद्र प्रसाद यादव और हरि राम को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही मंगलवार 11 बजे दिन तक के लिए स्थगित कर दी।