Full Story

एम. ए. खान पटना। हत्या के प्रयास एवं अग्नेयास्त्रों के अवैध इस्तेमाल के मुकदमे में अभियुक्त बनाए गए खान ग्लोबल स्टडीज के निदेशक खान सर उर्फ़ फैजल खान को बिहार की राजधानी पटना के प्रधान जिला जज की अदालत ने आज अंतरिम राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर 20 जून 2026 तक के लिए रोक लगा दी। पटना के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रुपेश देव की अदालत ने खान सर की ओर से मामले में दाखिल की गई अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया है। दाखिल की गई अग्रिम जमानत याचिका पर बहस करते हुए खान सर के वकील अरविंद कुमार मउआर ने अपने मुवक्किल को निर्दोष बताते हुए उन्हें अग्रिम जमानत की सुविधा देने की प्रार्थना की। सरकार की ओर से लोक अभियोजक राजेश कुमार ने जमानत अर्जी का जोरदार विरोध किया। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका के अंतिम निर्णय पर पहुंचने के लिए मामले की केस डायरी की मांग पुलिस से की। साथ ही खान सर के आपराधिक इतिहास की भी मांग पुलिस से की है। खान सर के वकील ने इस बीच अंतरिम राहत दिए जाने की प्रार्थना की, जिसे स्वीकार करते हुए अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर 20 जून 2026 तक के लिए रोक लगा दी है। लेकिन, उन्हें निर्देश दिया है कि वह पुलिस को अनुसंधान में मदद करेंगे और जब भी पुलिस उन्हें तलब करे वह हाजिर होंगें। गौरतलब है कि खान सर के कोचिंग संस्थान के नजदीक हुई गोलीबारी के वायरल वीडियो के आधार पर कदमकुआं थाना की पुलिस ने खान सर और उनके दो सुरक्षा कर्मियों के खिलाफ बीएनएस और शस्त्र अधिनियम की अलग-अलग धाराओं में 04 जून 2026 को कांड संख्या 418/2026 दर्ज किया है। वहीं, दूसरी ओर खान ग्लोबल स्टडीज के गार्ड के साथ मारपीट करने के मामले में अभियुक्त बनाए गए ज्ञान बिन्दू कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद की नियमित जमानत याचिका आज प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी अनुराग वर्मा की अदालत ने खारिज कर दी। इस मामले में अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। मामले के अभियुक्तों पर खान ग्लोबल स्टडीज में प्रवेश कर गार्ड को खींचकर बाहर लाकर मारपीट करने और जख्मी कर देने का आरोप है। इस मामले में पुलिस ने रौशन आनंद, अभिषेक कुमार और गौरव कुमार को गिरफ्तार कर 03 जून 2026 को जेल भेजा है। इस मामले में कदमकुआं थाना में 03 जून 2026 को बीएनएस की ‌अलग-अलग धाराओं के तहत कांड संख्या 410/26 के रूप में मामले की प्राथमिकी खान ग्लोबल स्टडीज के कर्मचारी की ओर से दर्ज कराई गई है।