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मुंबई। विदेशी शेयर बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों के बीच बुधवार को घरेलू बाजार में चौतरफा बिकवाली हावी रहने से बीएसई सेंसेक्स 373.83 अंक टूटकर 76,570.35 अंक और एनएसई निफ्टी-50 141.35 अंक गिरकर 23,914.45 अंक पर बंद हुआ, जिससे दोनों प्रमुख सूचकांक 24 जुलाई के बाद के अपने निचले स्तर पर पहुंच गए। ओपनिंग से ही रेड जोन में बाजार, सेंसेक्स 76,136 तक फिसला बुधवार को बाजार की शुरुआत ही कमजोर रही। सेंसेक्स करीब 473 अंक टूटकर 76,471.32 अंक पर खुला। शुरुआती कारोबार में बिकवाली का दबाव और बढ़ गया और इंडेक्स कुछ ही देर में 800 अंक से ज्यादा लुढ़ककर 76,136 अंक तक नीचे चला गया।निचले स्तर पर कुछ खरीदारी से सेंसेक्स ने नुकसान का एक हिस्सा जरूर कवर किया, लेकिन बाजार को हरे निशान तक ले जाने के लिए यह काफी नहीं था। दिन का कारोबार खत्म होने पर सेंसेक्स 76,570.35 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी ने छोड़ा 24 हजार का लेवल सेंसेक्स की तरह निफ्टी पर भी सेलिंग प्रेशर बना रहा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 141.35 अंक की गिरावट के साथ 23,914.45 अंक पर बंद हुआ। प्रतिशत के लिहाज से निफ्टी में 0.59 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। खास बात यह रही कि सेंसेक्स और निफ्टी दोनों 24 जुलाई के बाद के अपने निचले स्तर पर पहुंच गए। ग्लोबल मार्केट में बिकवाली, भारत पर भी पड़ा असर घरेलू बाजार का मूड खराब करने में विदेशी बाजारों की कमजोरी ने बड़ी भूमिका निभाई। दुनिया के लगभग सभी प्रमुख शेयर बाजारों में बिकवाली देखने को मिली। एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई करीब तीन प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। यूरोपीय शेयर बाजार भी लाल निशान में रहे। वहीं, अमेरिकी शेयर बाजारों में मंगलवार को गिरावट दर्ज की गई थी। विदेशी बाजारों से मिले इन्हीं निगेटिव संकेतों के बीच भारतीय बाजार में भी निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया और बिकवाली हावी रही। ऑटो और मीडिया शेयरों को सबसे बड़ा झटका सेक्टर के हिसाब से देखें तो बुधवार को बाजार में रेड जोन का दबदबा रहा। घरेलू स्तर पर तेल एवं गैस, रियल्टी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को छोड़कर बाकी सभी समूहों में बिकवाली देखने को मिली। सबसे ज्यादा दबाव ऑटो और मीडिया शेयरों पर रहा। दोनों समूहों के सूचकांक करीब पौने दो प्रतिशत तक गिर गए। आईटी शेयर भी दबाव से नहीं बच सके और आईटी इंडेक्स 1.25 प्रतिशत नीचे आया। इसके अलावा बैंकिंग, वित्त, एफएमसीजी, धातु, स्वास्थ्य और टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद समूहों के सूचकांक भी गिरावट में रहे। मिडकैप-स्मॉलकैप भी नहीं बच पाए बिकवाली सिर्फ सेंसेक्स और निफ्टी की बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों का भरोसा कमजोर दिखाई दिया। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.70 प्रतिशत नीचे आया, जबकि स्मॉलकैप-100 में 0.37 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। यानी बुधवार की कमजोरी बाजार के अलग-अलग हिस्सों में दिखाई दी। एशियन पेंट, एचडीएफसी बैंक और एमएंडएम में बड़ी गिरावट सेंसेक्स की कंपनियों में कई बड़े नाम सेलिंग के निशाने पर रहे। एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर डेढ़ प्रतिशत से ज्यादा टूट गए। इसके अलावा एचसीएल टेक्नोलॉजीज, बीईएल, इंफोसिस, भारतीय स्टेट बैंक और इंडिगो के शेयरों में एक से डेढ़ प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। हिंदुस्तान यूनिलीवर, टीसीएस, टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक, मारुति सुजुकी, भारती एयरटेल, एक्सिस बैंक और इटरनल के शेयर भी नीचे बंद हुए। रेड मार्केट में अदानी पोर्ट्स बना ‘ग्रीन स्पॉट’ पूरे बाजार में बिकवाली के बावजूद कुछ शेयरों ने मजबूती दिखाई। अडानी पोर्ट्स में डेढ़ प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। बजाज फिनसर्व और पावरग्रिड के शेयर करीब एक प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। इसके अलावा एनटीपीसी, टाइटन, रिलायंस इंडस्ट्रीज, ट्रेंट और बजाज फाइनेंस ने भी गिरते बाजार के बीच अपनी जगह हरे निशान में बनाए रखी। बुधवार का मार्केट स्कोरकार्ड कुल मिलाकर बुधवार को दलाल स्ट्रीट का मूड कमजोर रहा। विदेशी बाजारों में बिकवाली का असर घरेलू बाजार पर साफ दिखाई दिया। सेंसेक्स दिन के दौरान 800 अंक से ज्यादा टूटने के बाद 374 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी 24 हजार के नीचे 23,914.45 पर आ गया। सेक्टरों में ऑटो और मीडिया पर सबसे ज्यादा दबाव रहा, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप भी बिकवाली से नहीं बच सके। दूसरी ओर, अडानी पोर्ट्स, बजाज फिनसर्व, पावरग्रिड, एनटीपीसी और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे कुछ शेयरों ने कमजोर बाजार में भी बढ़त बनाए रखी।