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नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने नीट समेत पेपर लीक के मामलों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में देशभर में 152 पेपर लीक के मामले सामने आए लेकिन अब तक किसी भी दोषी को सजा नहीं मिली इसलिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बचाने के लिए जवाबदेही तय होना जरूरी है। 7.5 करोड़ परिवार पेपर लीक से प्रभावित श्री गांधी ने बुधवार को कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पेपर लीक सिर्फ छात्रों का नहीं बल्कि करोड़ों परिवारों का मुद्दा है। इन घटनाओं से करीब 7.5 करोड़ परिवार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और भरोसा खत्म होने से युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ गया है। छात्र खुद खर्च कर रहे सरकार जितना पैसा कांग्रेस नेता ने कहा कि केंद्र सरकार का शिक्षा बजट करीब 1.4 लाख करोड़ रुपये है जबकि केवल नीट परीक्षा की तैयारी के लिए छात्र और उनके परिवार लगभग 1.32 लाख करोड़ रुपये अपनी जेब से खर्च करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी आर्थिक और भावनात्मक कीमत चुकाने के बावजूद सरकार परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित रखने में विफल रही है। धर्मेंद्र प्रधान पूरी तरह असफल, इस्तीफा दें श्री गांधी ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने दायित्व निभाने में पूरी तरह असफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक ने शिक्षा व्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचाया है इसलिए नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्हें पद छोड़ देना चाहिए। छात्रों पर कार्रवाई बर्बर, पीएम मांगें माफी कांग्रेस नेता ने हाल में राजधानी में छात्रों के प्रदर्शन पर हुई पुलिस कार्रवाई को बर्बर बताया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने प्रदर्शन से जुड़े वीडियो और तस्वीरें भी दिखाईं। उन्होंने मांग की कि छात्रों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विद्यार्थियों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। पीएम आवास के बाहर धरना, फिर हिरासत श्री गांधी ने याद दिलाया कि मंगलवार को वह अचानक प्रधानमंत्री आवास के पास धरने पर बैठ गए थे। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह बातचीत के लिए पहुंचे थे लेकिन सहमति नहीं बनने पर पुलिस ने उन्हें और कांग्रेस के कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। बाद में सभी नेताओं को रात में रिहा कर दिया गया।