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मुंबई: आमिर खान की फिल्म ‘गजनी’ में खतरनाक विलेन गजनी धर्मात्मा और ‘लगान’ में देवा सिंह सोढ़ी की भूमिका से मशहूर दिग्गज अभिनेता प्रदीप रावत का 74 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। मैनेजर ने की निधन की पुष्टि विश्वस्त सूत्रों ने उनके निधन की पुष्टि करते हुए बताया कि अभिनेता लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थे। बीमारी दोबारा उभरने के बाद उनकी हालत बिगड़ गई और उन्होंने अंतिम सांस ली। अभिनेता यशपाल शर्मा ने भी सोशल मीडिया पर उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि दी और ‘गजनी’ में निभाए उनके चर्चित किरदार का जिक्र किया। ‘महाभारत’ से शुरू हुआ था अभिनय का सफर प्रदीप रावत ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत बी.आर. चोपड़ा के मशहूर धारावाहिक ‘महाभारत’ से की थी। इसमें उन्होंने अश्वत्थामा की भूमिका निभाई थी। इस किरदार के बाद उन्होंने फिल्मों की ओर रुख किया और धीरे-धीरे भारतीय सिनेमा के सबसे पहचानने योग्य खलनायकों में शामिल हो गए। ‘गजनी’ ने दिलाई घर-घर पहचान आमिर खान अभिनीत फिल्म ‘गजनी’ में प्रदीप रावत ने मुख्य खलनायक गजनी धर्मात्मा का किरदार निभाया था। उनके डरावने अंदाज, भारी आवाज और प्रभावशाली अभिनय ने इस किरदार को यादगार बना दिया। फिल्म की सफलता के बाद दर्शकों के बीच उनकी पहचान ‘गजनी’ नाम से ही होने लगी थी। ‘लगान’ में निभाया था यादगार किरदार ऑस्कर के लिए नामांकित फिल्म ‘लगान’ में उन्होंने देवा सिंह सोढ़ी की भूमिका निभाई थी। यह किरदार उनके खलनायक वाले पर्दे के व्यक्तित्व से अलग था और इसमें उनकी अभिनय क्षमता का दूसरा पहलू सामने आया। पांच भाषाओं की फिल्मों में किया काम करीब चार दशक लंबे करियर में प्रदीप रावत ने हिंदी के साथ-साथ तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम फिल्मों में भी काम किया। वह अलग-अलग फिल्म उद्योगों में अपने दमदार खलनायक किरदारों और मजबूत स्क्रीन मौजूदगी के लिए पहचाने गए। इन फिल्मों में भी छोड़ी खास छाप ‘गजनी’ और ‘लगान’ के अलावा प्रदीप रावत ने कई चर्चित फिल्मों में अभिनय किया। इनमें सरफरोश, साई, छत्रपति, स्टालिन, सिंह इज ब्लिंग जैसी फिल्में शामिल हैं। भारतीय सिनेमा ने खोया दमदार कलाकार प्रदीप रावत का निधन भारतीय सिनेमा के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है। अपने लंबे करियर में उन्होंने खलनायक से लेकर सहायक भूमिकाओं तक कई यादगार किरदार निभाए और अलग-अलग भाषाओं के दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई।