Full Story
पटना। बिहार में भारी बारिश और गंगा, सोन, पुनपुन, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती तथा घाघरा समेत प्रमुख नदियों के उफान से बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है, राजधानी पटना में गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच तटवर्ती इलाकों और घरों तक पानी पहुंचने लगा है तथा शहर को बाढ़ से बचाने के लिए सुरक्षा दीवार के सभी 108 रास्ते बंद कर दिए गए हैं, वहीं दानापुर दियारा के जलमग्न होने, समस्तीपुर की 15 पंचायतों और अरवल के करीब 30 गांवों के प्रभावित होने तथा मुंगेर में गंगा के खतरे के निशान को पार करने के बाद प्रशासन ने निचले इलाकों में निगरानी और राहत-बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। पटना में सबसे ज्यादा चिंता गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर है। आपदा प्रबंधन विभाग ने गांधी घाट और हाथीदह की स्थिति पर विशेष नजर रखने के साथ नदी, घाट और तटबंधों से दूर रहने की अपील की है। पटना पर बढ़ा गंगा का दबाव, कई घाट डूबे पटना में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से नदी किनारे बसे इलाकों पर दबाव बढ़ गया है। कई घाट पहले ही पानी में डूब चुके हैं। पटना सिटी के तटवर्ती इलाकों में कई घरों तक पानी पहुंचने लगा है और निचली सड़कों तथा सर्विस रोड पर भी पानी भर गया है। लोगों को कई जगह पानी के बीच से होकर आना-जाना पड़ रहा है। बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। गांधी घाट पर 50.34 मीटर पहुंची गंगा उपलब्ध सूचना के मुताबिक शुक्रवार को गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.34 मीटर दर्ज किया गया। वर्ष 2016 का उच्चतम स्तर 52.52 मीटर रहा था यानी मौजूदा स्तर उससे 2.18 मीटर नीचे है। दूसरी ओर आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से गांधी घाट और हाथीदह में जलस्तर के उच्चतम बाढ़ स्तर तक पहुंचने या उसे पार करने की आशंका को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। इसी कारण प्रशासन लगातार जलस्तर और सुरक्षा बांधों की निगरानी कर रहा है। सुरक्षा दीवार के सभी 108 रास्ते बंद पटना जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्तिकेय शर्मा और नगर आयुक्त के साथ दीघा घाट, बिंद टोली, एलसीटी घाट और गोसाई टोला समेत कई इलाकों का निरीक्षण किया। शहर में बाढ़ का पानी प्रवेश न करे, इसके लिए पटना टाउन प्रोटेक्शन वॉल के सभी 108 रास्तों को बंद करने का निर्देश दिया गया है। 13 स्लुईस गेट में पाए गए लीकेज को भी बंद कराया गया है। ड्रेनेज पंपिंग स्टेशनों को सक्रिय रखने के साथ अधिकारियों और इंजीनियरों को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। पुनपुन का रिंग बांध टूटा, मुख्य बांध पर बढ़ा दबाव पटना में चिंता सिर्फ गंगा को लेकर नहीं है। पुनपुन नदी का रिंग बांध टूटने की सूचना के बाद प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें मौके पर जुटी हैं। टूटे हिस्से से पानी मुख्य बांध की ओर बढ़ रहा है और टीम उसके बहाव को रोकने की कोशिश कर रही है। गंगा के बढ़े जलस्तर का असर पटना के दक्षिणी हिस्से में बहने वाली पुनपुन और दरधा नदियों पर भी बताया जा रहा है। दोनों नदियों में बैकवाटर का दबाव बढ़ने से मुख्य सुरक्षा बांधों की निगरानी तेज की गई है। दानापुर दियारा जलमग्न, घरों में घुसा पानी दानापुर दियारा क्षेत्र में गंगा का पानी तेजी से फैलने के कारण चारों तरफ बाढ़ का पानी नजर आ रहा है। कई घरों में पानी घुस चुका है और सामान्य आवाजाही मुश्किल हो गई है। दियारा क्षेत्र के लोगों को रोजमर्रा के काम और जरूरी सामान के लिए दानापुर आना-जाना पड़ता है लेकिन बाढ़ ने इस आवागमन को मुश्किल बना दिया है। ग्रामीणों को कई जगह पानी के बीच से गुजरना पड़ रहा है। बक्सर में गंगा खतरे के निशान के ऊपर, एनडीआरएफ तैनात बक्सर से प्राप्त सूचना के अनुसार, गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के बाद तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर राहत और बचाव के लिए एनडीआरएफ की टीम तथा गोताखोरों को तैनात किया है। नदी किनारे बसे इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि जलस्तर में और वृद्धि होने की स्थिति में तेजी से राहत अभियान चलाया जा सके। समस्तीपुर की 15 पंचायतों में घुसा गंगा का पानी समस्तीपुर से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक, गंगा का बढ़ता जलस्तर कई इलाकों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। जिले की 15 पंचायतों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है। यहां गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 1.95 मीटर ऊपर है। प्रशासन ने अगले 48 घंटे के दौरान स्थिति पर खास नजर रखने के साथ निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। मुंगेर में खतरे के निशान से 3 सेंटीमीटर ऊपर गंगा मुंगेर से मिली सूचना के अनुसार, गंगा खतरे के निशान को पार कर गई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक नदी का जलस्तर 39.36 मीटर पहुंचा जबकि खतरे का निशान 39.33 मीटर है। इस तरह गंगा करीब तीन सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर निचले और नदी किनारे वाले क्षेत्रों की निगरानी तेज कर दी है। लोगों को बढ़ते पानी से दूर रहने की सलाह दी गई है। अरवल में पुनपुन का रौद्र रूप, करीब 30 गांव प्रभावित अरवल जिले में पुनपुन नदी का जलस्तर पिछले तीन दिनों से लगातार बढ़ने की सूचना है। नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और उसका पानी आबादी वाले इलाकों की तरफ बढ़ रहा है। कुर्था और बंसी प्रखंडों के करीब 30 गांव बाढ़ के पानी से प्रभावित बताए गए हैं। कई गांवों का मुख्य सड़क मार्ग से संपर्क टूट गया है, जिससे ग्रामीणों के सामने आवागमन की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। बेगूसराय में सड़क संपर्क टूटा, खगड़िया में एक मौत बेगूसराय के शाम्हो-सूर्यगढ़ा सड़क पर बाढ़ का पानी आने से सड़क संपर्क टूट गया है। वहीं, खगड़िया में गुरुवार को बाढ़ के पानी में डूबने से एक व्यक्ति की मौत की सूचना है। भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल के राघोपुर इलाके में भी गंगा उफान पर है। निचले इलाकों में नदी का पानी फैलने से लोगों की परेशानी बढ़ रही है। मुंगेर जिले में महाने नदी पर बरसंडा में बना डायवर्सन तेज दबाव और बहाव में बह गया। इससे स्थानीय आवाजाही पर असर पड़ा है। नदियों के लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच सड़कों, डायवर्सन और तटबंधों पर प्रशासन की निगरानी बढ़ा दी गई है। नेपाल की बारिश से गंडक और कोसी में बढ़ा पानी नेपाल में हुई मूसलाधार बारिश के बाद गंडक और कोसी के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हुई है। वाल्मीकिनगर बराज पर गंडक का पानी बढ़ने के बाद भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने की सूचना है, जिससे दियारा इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। कोसी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। कटिहार के कुरसेला रेलवे ब्रिज के पास कोसी खतरे के निशान से ऊपर है जबकि खगड़िया के निचले इलाकों में पानी फैल रहा है। सोन में करीब पांच लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया सोन नदी में इंद्रपुरी बराज से करीब पांच लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना है। बाणसागर बांध के फाटक खुलने के बाद नदी के उफान का असर निचले इलाकों में दिखाई दे रहा है। मनेर के निचले गांवों में बाढ़ का पानी फैलने और लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर भेजे जाने की जानकारी भी दी गई है। राज्य में गंगा, सोन, पुनपुन, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती और घाघरा के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद के नदी किनारे तथा निचले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। कई इलाकों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूटने और हजारों लोगों के विस्थापित होने की सूचना है। बाढ़ग्रस्त जिलों के जिलाधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। पांच जिलों में तेज बारिश की संभावना बाढ़ की मौजूदा स्थिति के बीच पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीवान, सारण और गोपालगंज में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। पटना समेत बाकी जिलों में मौसम सामान्य रहेगा। हालांकि उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। तेज बारिश वाले जिलों में यदि नदियों का जलस्तर और बढ़ता है तो निचले इलाकों में मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अगले 24 घंटे बेहद अहम, नदी-घाट और तटबंधों से दूर रहने की सलाह आपदा प्रबंधन विभाग ने बाढ़ के खतरे को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है। लोगों से नदी, घाट और तटबंधों से दूर रहने तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। गंगा समेत प्रमुख नदियों के लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच अगले 24 से 48 घंटे कई जिलों के लिए अहम माने जा रहे हैं। पटना में सुरक्षा दीवार के रास्ते बंद करने से लेकर स्लुईस गेट के लीकेज रोकने, पंपिंग स्टेशन सक्रिय रखने और बांधों की चौबीसों घंटे निगरानी तक प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती यही है कि नदियों का बढ़ता पानी आबादी वाले इलाकों में और न फैले और जिन क्षेत्रों में बाढ़ पहुंच चुकी है, वहां लोगों की सुरक्षित आवाजाही और राहत व्यवस्था बनाए रखी जाए।



Comments
0