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नई दिल्ली। कर्नाटक के चर्चित भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा (भाजयुमो) कार्यकर्ता प्रवीण नेट्टारू हत्याकांड में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अहम फरार आरोपियों को केरल और तमिलनाडु से गिरफ्तार किया है, जिससे मामले में कुल गिरफ्तारियों की संख्या बढ़कर 24 हो गई जबकि तीन आरोपी अब भी फरार हैं। केरल और तमिलनाडु से हुई गिरफ्तारी एनआईए ने रविवार को बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अब्दुल नासिर पी उर्फ नासिर और नौशाद के रूप में हुई है। इनमे से अब्दुल नासिर को को कोच्चि (केरल) और नौशाद को होसुर (तमिलनाडु) से शनिवार को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई आंध्र प्रदेश पुलिस से मिली विश्वसनीय सूचना के आधार पर की गई। मुख्य हमलावरों को छुपाने का आरोप जांच एजेंसी ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले ही चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। उन पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज है। आरोप है कि दोनों ने प्रवीण नेट्टारू की हत्या करने वाले मुख्य हमलावरों को जानबूझकर शरण दी और उनकी मदद की। पहले से जारी था वारंट और लुकआउट सर्कुलर एनआईए ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ विशेष एनआईए अदालत, बेंगलुरु से ओपन डेटेड अरेस्ट वारंट जारी था। साथ ही उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) भी जारी किया गया था। एजेंसी ने उनकी गिरफ्तारी में मददगार सूचना देने वाले के लिए चार-चार लाख रुपये के इनाम की भी घोषणा की थी। तीन आरोपी अब भी फरार एजेंसी का कहना है कि मामले के बाकी फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है और उन्हें जल्द गिरफ्तार करने के लिए विभिन्न राज्यों में अभियान चलाया जा रहा है। क्या है प्रवीण नेट्टारू हत्याकांड कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले के बेल्लारे में 26 जुलाई 2022 को भाजपा युवा मोर्चा के 31 वर्षीय कार्यकर्ता प्रवीण नेट्टारू की धारदार हथियारों से हत्या कर दी गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एनआईए को सौंपी गई। जांच में एजेंसी ने दावा किया कि यह हमला प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के सदस्यों द्वारा सांप्रदायिक भय और तनाव फैलाने की साजिश के तहत अंजाम दिया गया था। एनआईए के अनुसार, पीएफआई के नेताओं ने हिंदू समुदाय के लोगों को निशाना बनाने के लिए एक गुप्त 'सर्विस टीम' बनाई थी और प्रवीण नेट्टारू की हत्या उसी साजिश का हिस्सा थी। जांच में मुस्तफा पैचार को इस साजिश का मुख्य मास्टरमाइंड बताया गया, जिसने हमलावरों को हथियारों का प्रशिक्षण दिलाने की व्यवस्था की थी। उसे भी बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। जांच के दौरान कई आरोपी देश छोड़कर पश्चिम एशिया के देशों में भाग गए थे। एनआईए ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कार्रवाई करते हुए अब्दुल रहमान और कोडाजे मोहम्मद शरीफ जैसे प्रमुख आरोपियों को कतर और बहरीन से लौटने पर भारतीय हवाई अड्डों पर गिरफ्तार किया। एजेंसी अब तक 28 से अधिक लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है और मामले की जांच लगातार जारी है।