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नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों पर अपना पुराना आर्थिक दबदबा वापस पाने के लिए व्यापार में अनुचित तरीके अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि प्रतिबंधों के बावजूद रूस तेजी से प्रगति कर रहा है। पुतिन ने शनिवार को होने वाले 18वें ब्रिक्स सम्मेलन से पहले शुक्रवार को आयोजित बिजनेस फोरम में कहा कि दुनिया इस समय बड़े ढांचागत बदलावों से गुजर रही है और 21वीं सदी में विकास के नए इंजन उभरकर सामने आए हैं। ‘आर्थिक बदलाव को रोका नहीं जा सकता’ रूस के राष्ट्रपति ने कहा कि बदलाव अर्थव्यवस्था की प्रकृति है और इसे रोका नहीं जा सकता। उन्होंने ब्रिक्स तथा जी-7 देशों के योगदान की तुलना करते हुए दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में ब्रिक्स देशों की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत रही, जबकि जी-7 देशों का योगदान 29 प्रतिशत रहा। उन्होंने कहा कि वैश्विक वृद्धि में ब्रिक्स देशों का योगदान 50 प्रतिशत से अधिक है, जबकि जी-7 देशों की हिस्सेदारी 18 प्रतिशत है। पुतिन ने इसका प्रमुख कारण ब्रिक्स देशों में दुनिया की 50 प्रतिशत आबादी का रहना बताया। उन्होंने जी-7 पर तंज कसते हुए कहा, “उन्हें ग्रेट-7 कहा जाता है, पता नहीं क्यों उन्हें ग्रेट कहा जाता है।” पश्चिमी देशों पर लगाए गंभीर आरोप श्री पुतिन ने आरोप लगाया कि पश्चिमी देश अपनी पुरानी स्थिति दोबारा हासिल करने और प्रतिस्पर्धा में आगे निकलने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “जैसा कि ईरान ने कहा, वे कभी-कभी अनुचित तरीके भी अपनाते हैं। कई बार सरकारी स्तर पर भी ऐसे अनुचित तरीके देखने को मिलते हैं।” उन्होंने कहा कि इन तरीकों के तहत पाइपलाइनों को ध्वस्त किया जा रहा है, अंतरराष्ट्रीय परिवहन मार्ग और गलियारे बंद किए जा रहे हैं, वाणिज्यिक जहाज जब्त हो रहे हैं और अवैध प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। ‘अपने हित चुनने वाले देशों पर परोक्ष प्रतिबंध’ भारत और कुछ अन्य देशों पर रूस से तेल खरीदने के कारण लगाए गए प्रतिबंधों के संदर्भ में रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि पश्चिमी देशों के हितों के बजाय अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देने वाले देशों पर परोक्ष प्रतिबंध लगाए जाते हैं। उन्होंने दावा किया कि रूस पर 30 हजार से अधिक प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं। उनके अनुसार, यह संख्या दुनिया के अन्य सभी देशों पर लगाए गए कुल प्रतिबंधों से दोगुनी है। प्रतिबंधों के बीच रूस ने बनाए नए साझेदार श्री पुतिन ने कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद रूस ने ब्रिक्स तथा दूसरे देशों में नए साझेदार बनाए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में रूस के विदेश व्यापार में बड़े भौगोलिक और रणनीतिक बदलाव आए हैं। उन्होंने दावा किया कि पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद रूस तेजी से आगे बढ़ रहा है और पिछले तीन वर्षों के दौरान उसकी सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि दर वैश्विक औसत से अधिक रही है। उन्होंने कहा, “हमने महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किए और उन्हें हासिल भी किया।” पश्चिम की आर्थिक स्थिति पर भी निशाना रूसी राष्ट्रपति ने अपनी अर्थव्यवस्था की प्रगति का दावा करने के साथ पश्चिमी देशों की आर्थिक स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देश इस समय ऊंचे बजट घाटे, बढ़ते सार्वजनिक ऋण और औद्योगिक गिरावट का सामना कर रहे हैं।