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पटना। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने नीट पेपर लीक विरोधी छात्र आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग तेज करते हुए बिहार की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-जनता दल यूनाइटेड (जदयू) सरकार पर आंदोलन के बाद हुए समझौते से पीछे हटने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि यदि छात्रों और आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए तो 30 जुलाई को पूरे राज्य में प्रतिवाद दिवस मनाया जाएगा। 'सरकार ने वादा निभाने के बजाय शुरू कर दिया दमन' सुश्री बोरा ने सोमवार को यहां प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि पेपर लीक के खिलाफ लाखों छात्रों ने पूरे बिहार में शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया था। इसके बावजूद हजारों छात्र-छात्राओं पर मुकदमे दर्ज किए गए, बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां हुईं और आज भी कई छात्र झूठे मामलों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि समझौते का सम्मान करते हुए सभी मुकदमे बिना शर्त वापस लिए जाएं और गिरफ्तार छात्रों एवं छात्र नेताओं को न्याय दिलाया जाए। माले नेताओं को भी बनाया जा रहा निशाना आइसा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार अब छात्र आंदोलन का समर्थन करने वाले भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी-लेनिनवादी (भाकपा-माले) नेताओं को भी चुन-चुनकर निशाना बना रही है। उन्होंने कहा कि सिवान, सारण (छपरा) समेत कई जिलों में राजनीतिक दुर्भावना से माले नेताओं पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं। जीरादेई के पूर्व विधायक अमरजीत कुशवाहा पर साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं जबकि पूर्व विधायक दल के नेता महबूब आलम को भी मामलों में घसीटा जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक आंदोलनों का समर्थन करना कोई अपराध नहीं है और सरकार को दमन छोड़कर छात्रों की जायज मांगों पर ध्यान देना चाहिए। डीजीपी से मिलकर उठाई मुकदमे वापस लेने की मांग सुश्री बोरा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों, छात्र नेताओं और आंदोलनकारियों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने, गिरफ्तार महिला एक्टिविस्टों की तत्काल रिहाई सुनिश्चित करने और पुलिस कार्रवाई की समीक्षा करने की मांग की। डीजीपी ने मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में विधायक अरुण सिंह, अजीत कुमार सिंह, शिवप्रकाश रंजन और कुमार परवेज़ भी शामिल थे। बेउर जेल पहुंचकर गिरफ्तार नेताओं से की मुलाकात इससे पहले भाकपा-माले विधायक अरुण सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने बेउर केंद्रीय कारा पहुंचकर गिरफ्तार साथियों से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने पालीगंज विधायक संदीप सौरभ, आइसा के राज्य अध्यक्ष धनंजय, राज्य सचिव दीपंकर मिश्रा, उपाध्यक्ष सबा आफरीन, मीडिया प्रभारी दिव्यम, जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव और शांतनु शेखर से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। नेताओं ने उन्हें बताया कि आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है और उनकी रिहाई तथा मुकदमों की वापसी तक संघर्ष जारी रहेगा। 30 जुलाई को पूरे बिहार में प्रतिवाद दिवस का ऐलान आइसा अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार तत्काल मुकदमे वापस लेने और दमन की नीति समाप्त करने की दिशा में कदम नहीं उठाती तो 30 जुलाई को पूरे बिहार में राज्यव्यापी प्रतिवाद दिवस मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस विरोध कार्यक्रम में छात्र, युवा, शिक्षक और लोकतांत्रिक अधिकारों में विश्वास रखने वाले नागरिक सरकार की कथित दमनकारी नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे।