Full Story
मोतिहारी। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले की सत्र अदालत ने शादी की नीयत से किशोरी के अपहरण के करीब 18 वर्ष पुराने मामले में दो दोषियों को आज पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास के साथ ही 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राघवेंद्र नारायण सिंह की अदालत ने दो अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास और दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड का भुगतान नहीं करने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सजा पाने वालों में पहाड़पुर थाना क्षेत्र के सिसवा बाजार निवासी गोरख सिंह और शिवशंकर दास शामिल हैं। अदालत ने दोनों अभियुक्तों को भारतीय दंड संहिता की धारा 366(ए)/34 के तहत दोषी पाया। मामले में किशोरी की मां ने पहाड़पुर थाना में कांड संख्या 23/2008 दर्ज कराया था। प्राथमिकी के अनुसार, 21 जनवरी 2008 की सुबह करीब छह बजे उसकी नाबालिग पुत्री घर के सामने से जलावन लाने गई थी। इसी दौरान आरोपितों ने जान से मारने की धमकी देकर उसका अपहरण कर लिया और बाइक से उसे बेतिया ले गए। वहां से उसे गोरखपुर और फिर लुधियाना ले जाया गया। पीड़िता के रोने और विरोध करने पर आरोपित उसे वापस मोतिहारी रेलवे स्टेशन लेकर आए। इसी दौरान पुलिस ने उसे बरामद कर न्यायालय में प्रस्तुत किया था। मामले की जांच के बाद पुलिस ने दो नामजद अभियुक्तों के विरुद्ध न्यायालय में आरोपपत्र समर्पित किया। सत्र वाद संख्या 558/2010 में विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक दीपक पटेल और सहायक अधिवक्ता मो. शहाबुद्दीन ने नौ गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कराया।



Comments
0