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मोतिहारी। बिहार की खेल एवं उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की सक्रिय भागीदारी को सबसे अहम बताया और कहा कि राज्य में शिक्षा, खेल, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। सुश्री सिंह ने सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री राधा मोहन सिंह की मौजूदगी में गुरुवार को यहां महात्मा गांधी ऑडिटोरियम में आयोजित विकसित भारत संकल्प सम्मेलन में कहा कि युवाओं, किसानों, महिलाओं और आम लोगों की भागीदारी देश के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना सिर्फ सरकार के भरोसे पूरा नहीं होगा, इसके लिए युवाओं को भी आगे आना होगा। युवाओं को राष्ट्र निर्माण का जिम्मा मंत्री सुश्री सिंह ने कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत का सपना तभी हकीकत बनेगा, जब युवा शिक्षा, खेल और कौशल विकास के क्षेत्र में आगे बढ़कर अपनी भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि बिहार के युवा आज हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहे हैं और देश की प्रगति में अहम योगदान दे रहे हैं। मोतिहारी को मिलेगी नई खेल सुविधाएं सुश्री सिंह ने खेल के क्षेत्र में बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि एमएस कॉलेज में करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से आउटडोर स्टेडियम बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बेहतर खेल सुविधाएं मिलने से भविष्य में इस क्षेत्र से भी वैभव सूर्यवंशी और ईशान किशन जैसे खिलाड़ी निकलेंगे। दो नए एकलव्य विद्यालयों की घोषणा मंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि इलाके में दो नए एकलव्य विद्यालय खोले जाएंगे। यहां बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ रहने और भोजन की सुविधा भी मिलेगी, जिससे दूर-दराज के छात्रों को फायदा होगा। रोजगार और उद्योग पर भी फोकस उद्योग मंत्री ने कहा कि बिहार में निवेश बढ़ाने और रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि उद्योग लगाने के इच्छुक लोगों को जरूरी लाइसेंस और मंजूरी 30 दिनों के भीतर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है ताकि निवेशकों को अनावश्यक परेशानी न हो। डिजिटल सेवाओं ने बदली लोगों की जिंदगी इस मौके पर सांसद राधा मोहन सिंह ने कहा कि पिछले वर्षों में डिजिटल भुगतान, यूपीआई, आधार और ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार से आम लोगों का जीवन पहले की तुलना में अधिक आसान और पारदर्शी हुआ है। उन्होंने रेलवे, सड़क, आधारभूत संरचना, महिला सशक्तिकरण और किसान कल्याण से जुड़ी योजनाओं का भी उल्लेख किया। जनता से लिया गया संकल्प कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का संकल्प लिया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की मौजूदगी रही।