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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 से 29 जून तक सेशेल्स के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे, जहां वह राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के साथ राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और पहली बार सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करेंगे। पहली बार सेशेल्स की संसद को संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री मोदी इस दौरे की सबसे बड़ी खास बात यह है कि श्री मोदी सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनेंगे। इसे दोनों देशों के मजबूत लोकतांत्रिक रिश्तों और बढ़ते विश्वास का प्रतीक माना जा रहा है। इस साल भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते आपसी विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों, विविधता के सम्मान और लोगों के बीच गहरे जुड़ाव पर आधारित हैं। हिंद महासागर में सुरक्षा और विकास पर होगी अहम चर्चा प्रधानमंत्री ने कहा कि सेशेल्स भारत का महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी और 'विजन महासागर' का प्रमुख साझेदार है। दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, आर्थिक सहयोग, क्षेत्रीय विकास और हिंद महासागर में शांति एवं समृद्धि जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी। श्री मोदी सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। दोनों नेता भारत-सेशेल्स मित्रता को और मजबूत बनाने तथा नए सहयोग के क्षेत्रों पर विचार-विमर्श करेंगे। भारतीय समुदाय से भी करेंगे मुलाकात अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री सेशेल्स में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि वहां का भारतीय समुदाय कई पीढ़ियों से दोनों देशों के बीच दोस्ती का मजबूत पुल बना हुआ है। हिंद महासागर क्षेत्र पर रहेगा खास फोकस श्री मोदी ने विश्वास जताया कि यह यात्रा भारत और सेशेल्स के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को और मजबूत करेगी। साथ ही हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सहयोग, क्षेत्रीय सुरक्षा और साझा समृद्धि के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।