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मुंबई। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन 20 फरवरी 2027 को मौजूदा कार्यकाल पूरा होने के बाद भी कंपनी की कमान संभालते रहेंगे क्योंकि निदेशकमंडल ने गुरुवार को उन्हें अगले पांच साल के लिए कार्यकारी चेयरमैन के रूप में फिर नियुक्त करने के प्रस्ताव को बहुमत से मंजूरी दे दी। बोर्ड के अनुरोध पर बदला फैसला श्री चंद्रशेखरन ने 12 अगस्त को निदेशकमंडल को सूचित किया था कि वह 20 फरवरी 2027 को अपना मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने के बाद पुनर्नियुक्ति के लिए अपना नाम विचार के लिए नहीं रखेंगे। अब गुरुवार की बैठक में उन्होंने निदेशकमंडल के अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के अनुरोध को स्वीकार कर लिया। इसके बाद बोर्ड ने उनके मौजूदा कार्यकाल की समाप्ति के बाद पांच साल के लिए कार्यकारी चेयरमैन के रूप में फिर नियुक्ति का प्रस्ताव पारित किया। फरवरी में प्रस्ताव को नहीं मिला था समर्थन इस घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में 24 फरवरी 2026 की निदेशकमंडल बैठक भी महत्वपूर्ण है। उस बैठक में एक सदस्य के समर्थन न देने के कारण चंद्रशेखरन का कार्यकाल बढ़ाने का प्रस्ताव खारिज हो गया था। इसके बाद उन्होंने फरवरी 2027 के बाद पद छोड़ने का फैसला किया था। हालांकि, 17 सितंबर की बैठक में निदेशकमंडल ने उनसे अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। नियुक्ति एवं वेतन समिति ने की थी सिफारिश टाटा संस के निदेशकमंडल की नियुक्ति एवं वेतन समिति की बैठक 03 सितंबर को हुई थी। इसमें श्री चंद्रशेखरन के 12 अगस्त के पत्र और उन्हें कार्यकारी चेयरमैन के रूप में फिर नियुक्त करने के मुद्दे पर चर्चा की गई। उचित विचार-विमर्श के बाद समिति ने उनके योगदान और टाटा समूह के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया कि श्री चंद्रशेखरन से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया जाए और निदेशकमंडल की अगली बैठक में उनकी दोबारा नियुक्ति की सिफारिश की जाए। बहुमत से हुआ फैसला गौरतलब है कि आज हुई बैठक में श्री चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति का प्रस्ताव निदेशकमंडल ने बहुमत से पारित किया, सर्वसम्मति से नहीं। श्री एन. चंद्रशेखरन वर्ष 2017 से टाटा संस के चेयरमैन हैं। नए फैसले के बाद वह फरवरी 2027 के बाद भी अगले पांच साल तक टाटा संस के कार्यकारी चेयरमैन बने रहेंगे।