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तेहरान/नई दिल्ली। आर्थिक प्रतिबंधों और तेल निर्यात से घटती कमाई के बीच ईरान ने अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए पड़ोसी देशों से व्यापार बढ़ाने, सौर ऊर्जा पर जोर देने और रेल नेटवर्क का तेजी से विस्तार करने की रणनीति अपनाई है। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने दावा किया है कि तमाम मुश्किलों के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था और जरूरी सेवाएं चल रही हैं तथा 600 किलोमीटर से ज्यादा लंबी चाबहार-ज़ाहेदान रेलवे लाइन को 23 से 29 अगस्त के बीच खोलने की तैयारी है। पैसे भेजने में दिक्कत तो सामान के बदले सामान श्री पेजेशकियन ने माना कि प्रतिबंधों के कारण ईरान को अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग और पैसे के लेन-देन में परेशानी हो रही है। ऐसे में पड़ोसी देशों के साथ व्यापार जारी रखने के लिए बार्टर ट्रेड यानी सामान के बदले सामान की व्यवस्था का इस्तेमाल किया जा रहा है। उनका कहना है कि पड़ोसी देशों से बेहतर रिश्तों के कारण वित्तीय पाबंदियों के बावजूद व्यापार को आगे बढ़ाने में मदद मिली है। तेल बेचने में मुश्किल, विदेशी मुद्रा की कमाई घटी प्रतिबंधों का सबसे बड़ा असर ईरान के तेल निर्यात पर पड़ा है। राष्ट्रपति ने स्वीकार किया कि इससे देश की विदेशी मुद्रा की कमाई कम हुई है। हालांकि उनका दावा है कि सरकार अर्थशास्त्रियों, कारोबारियों, उद्योग संगठनों, शिक्षाविदों और वाणिज्य मंडलों के साथ मिलकर इन मुश्किलों का असर कम करने में जुटी है। उन्होंने कहा कि सभी समस्याएं खत्म नहीं हुई हैं लेकिन देश मिलकर उनका सामना कर रहा है। 7,000 मेगावाट सौर बिजली बनी बड़ा सहारा ऊर्जा संकट से निपटने के लिए ईरान सौर ऊर्जा पर तेजी से काम कर रहा है। राष्ट्रपति के मुताबिक, देश के बिजली ग्रिड में अब तक करीब 7,000 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता जोड़ी जा चुकी है और इसे आगे बढ़ाने का काम जारी है। उन्होंने दावा किया कि बिजली संयंत्रों को नुकसान पहुंचने और रोजाना करीब 230 करोड़ क्यूबिक मीटर गैस उत्पादन प्रभावित होने के बावजूद बड़े स्तर पर बिजली कटौती से बचने में सफलता मिली है। सरकार अब कोशिश कर रही है कि आने वाली सर्दियों में उद्योगों को बिजली कटौती का सामना न करना पड़े। 600 किमी से ज्यादा लंबी रेल लाइन जल्द होगी शुरू पेजेशकियन सरकार का बड़ा फोकस रेलवे पर भी है। राष्ट्रपति के मुताबिक, चाबहार से ज़ाहेदान के बीच 600 किलोमीटर से अधिक लंबी रेलवे लाइन को 23 से 29 अगस्त के बीच शुरू करने की योजना है। स्टील उत्पादन संयंत्रों पर हमलों के कारण इस परियोजना में देरी हुई लेकिन अब इसे पूरा करने की तैयारी तेज कर दी गई है। आगे इस रेल लाइन को सरख्स तक जोड़ने की योजना है, जिससे ईरान का राष्ट्रीय परिवहन नेटवर्क और मजबूत होगा। रूस के साथ आगे बढ़ेगी रश्त-अस्तारा रेल परियोजना ईरान अपनी दूसरी महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं को भी आगे बढ़ा रहा है। श्री पेजेशकियन ने कहा कि रश्त-अस्तारा रेलवे के लिए जमीन अधिग्रहण का काम पूरा हो गया है और इसका निर्माण रूस की भागीदारी से आगे बढ़ने की उम्मीद है। वहीं, तबरीज़ को तुर्की से जोड़ने वाली तेहरान-चेशमेह सोरय्या रेल परियोजना भी ठेकेदार चुनने की दिशा में बढ़ रही है। तेहरान के आसपास मेट्रो का भी होगा विस्तार राजधानी तेहरान को इस्लामशहर, क़ुद्स, रोबत करीम और शहरियार जैसे आसपास के शहरों से रेल और मेट्रो के जरिए बेहतर तरीके से जोड़ने की तैयारी है। सरकार का कहना है कि इससे सड़कों पर ट्रैफिक घटेगा, ईंधन की बचत होगी, सफर में कम समय लगेगा और प्रदूषण भी कम करने में मदद मिलेगी। पड़ोसी देशों से सुरक्षा में भी मिला साथ श्री पेजेशकियन ने पड़ोसी देशों के साथ सुरक्षा सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया और दावा किया कि हाल के तनाव और संघर्ष के दौरान सीमा क्षेत्रों से ईरान में घुसकर अशांति फैलाने की कोशिश करने वाले समूहों को रोकने में पड़ोसी देशों ने सहयोग किया। उन्होंने इसके पीछे क्षेत्रीय सहयोग और देश के भीतर एकता को बड़ी वजह बताया।



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