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मुंबई। ‘चुंबक’ में साथ काम करते हुए बनी दोस्ती अभिनेत्री संदीपा धर के लिए अब बहनों जैसे रिश्ते में बदल गई है। शो की अपनी महिला सह-कलाकारों के साथ जुड़ाव पर बात करते हुए संदीपा ने कहा कि इस प्रोजेक्ट ने उन्हें ऐसे रिश्ते दिए हैं, जिन्हें वह हमेशा संजोकर रखना चाहेंगी। पर्दे पर हंसी और मनोरंजन का वादा करने वाले ‘चुंबक’ की शूटिंग के बीच कलाकारों को एक-दूसरे को जानने का मौका मिला। संदीपा के मुताबिक, यह साथ अब काम से आगे बढ़ चुका है और उनकी जिंदगी का खास हिस्सा बन गया है। ‘हम खुद को गर्व से गर्ल गैंग कहते हैं’ संदीपा ने अपनी सह-कलाकारों का जिक्र करते हुए कहा, “नीना मैम, डेलनाज, मानसी, हेली, अमायरा और मैं खुद को गर्व से ‘गर्ल गैंग’ कहते हैं।” अभिनेत्री के अनुसार, इस समूह में उन्हें दोस्ती के साथ प्यार, सहयोग और अपनापन मिला है। उन्होंने कहा, “‘चुंबक’ ने मुझे सिर्फ बेहतरीन को-स्टार्स ही नहीं दिए, बल्कि एक ऐसा बहनों जैसा रिश्ता भी दिया है, जिसे मैं हमेशा संजोकर रखूंगी।” व्यस्त शेड्यूल के बीच भी मुलाकातों के लिए वक्त शूटिंग और काम की व्यस्तता के बीच दोस्तों से मिलने का समय निकालना आसान नहीं होता। संदीपा का कहना है कि इसके बावजूद उनकी यह ‘गर्ल गैंग’ एक-दूसरे के लिए वक्त निकालने की पूरी कोशिश करती है। कभी साथ ब्रंच होता है, कभी डिनर और कभी बस बैठकर घंटों बातें चलती हैं। उनके लिए इन्हीं छोटी-छोटी मुलाकातों की खास अहमियत है। संदीपा ने कहा, “कभी ब्रंच, कभी डिनर, तो कभी बस साथ बैठकर घंटों बातें करना, ये छोटे-छोटे पल हमारे लिए बहुत मायने रखते हैं।” हंसी-मजाक के साथ मिलता है एक-दूसरे का साथ संदीपा के मुताबिक, इस दोस्ती की खूबसूरती केवल साथ घूमने या खाने तक सीमित नहीं है। समूह में मिलने वाला सहयोग और अपनापन उन्हें परिवार जैसा एहसास कराता है। उन्होंने कहा, “इस ग्रुप में इतना प्यार, सपोर्ट, हंसी-मजाक और अपनापन है कि यह परिवार जैसा महसूस होता है। मैं खुश हूं कि ‘चुंबक’ मेरे जीवन में इन शानदार महिलाओं को लेकर आया।” कैमरे बंद होने के बाद भी कायम रहेगा रिश्ता संदीपा को भरोसा है कि ‘चुंबक’ के दौरान बना यह जुड़ाव आगे भी बना रहेगा। उनके लिए साथ काम करने का अनुभव उन मुलाकातों और रिश्तों की वजह से भी यादगार है, जो सेट से बाहर उनकी जिंदगी में जगह बना चुके हैं। शो दर्शकों के लिए मनोरंजन लेकर आएगा, लेकिन संदीपा के लिए इसकी एक खास देन पहले ही तय हो चुकी है—ऐसी सहेलियां, जिनमें उन्हें बहनों जैसा साथ मिला है।