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भभुआ। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कैमूर के प्रसिद्ध मां मुंडेश्वरी धाम को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए हेलीपैड, रोप-वे, जंगल सफारी और इको-टूरिज्म विकसित करने की घोषणा तथा जिले को 196 करोड़ रुपये से अधिक की 60 विकास योजनाओं की सौगात देते हुए कहा कि सरकार विकास और सुविधाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। मां मुंडेश्वरी धाम तक पहुंचना होगा आसान श्री चौधरी ने कहा कि कैमूर स्थित मां मुंडेश्वरी धाम और सासाराम की मां ताराचंडी जैसे धार्मिक स्थलों को पर्यटन के बड़े नक्शे पर लाने के लिए हेलीपैड विकसित किया जाएगा। भविष्य में बिहार के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के लिए हेलीकॉप्टर सेवा भी शुरू करने की योजना है। रोप-वे बनेगा, मंदिर का होगा जीर्णोद्धार मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि लंबे समय से उपेक्षित मां मुंडेश्वरी मंदिर का जीर्णोद्धार कराया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रोप-वे का निर्माण भी होगा। उन्होंने कहा कि बारिश के बाद रोप-वे परियोजना का शिलान्यास किया जाएगा। पर्यटन बढ़ेगा तो रोजगार भी बढ़ेगा सरकार का मानना है कि रोप-वे, हेलीपैड, जंगल सफारी और इको-टूरिज्म जैसी सुविधाओं से कैमूर में पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। 196 करोड़ की 60 योजनाओं की सौगात श्री चौधरी ने 196.06 करोड़ रुपये की 60 विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें 20 नई योजनाओं का शिलान्यास और 40 योजनाओं का उद्घाटन शामिल है। जनता की शिकायतों पर सरकार की नजर मुख्यमंत्री ने सहयोग शिविर कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए बताया कि पूरे बिहार से अब तक 3 लाख से अधिक आवेदन मिले हैं, जिनमें से करीब 2.61 लाख मामलों का समाधान किया जा चुका है। अफसरों के लिए सख्त नियम श्री चौधरी ने कहा कि अगर किसी आवेदन पर तय समय में कार्रवाई नहीं होती है तो संबंधित अधिकारी को नोटिस दिया जाता है। 30 दिनों के भीतर समाधान नहीं होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई और निलंबन तक का प्रावधान किया गया है। हर घर सोलर, मुफ्त बिजली का प्लान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बिहार के हर परिवार को सोलर ऊर्जा से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे और अतिरिक्त बिजली सरकार खरीदकर उपभोक्ताओं के खाते में राशि भेजेगी। शिक्षा और उद्योग पर भी बड़ा फोकस मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज नहीं हैं, वहां जुलाई से पढ़ाई शुरू कराई जाएगी। वहीं उद्योग लगाने के इच्छुक निवेशकों को 30 दिनों के भीतर क्लीयरेंस देने की व्यवस्था भी की जा रही है। क्यों है यह खबर आम लोगों के लिए अहम मां मुंडेश्वरी धाम में हेलीपैड और रोप-वे बनने से न सिर्फ श्रद्धालुओं की यात्रा आसान होगी, बल्कि कैमूर जैसे पिछड़े इलाके में पर्यटन, कारोबार और रोजगार के नए दरवाजे भी खुलेंगे। यही वजह है कि यह घोषणा सिर्फ एक विकास परियोजना नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और जनजीवन से जुड़ा बड़ा कदम मानी जा रही है।



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