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तिरुवनंतपुरम। लक्ष्य 296 रन का था और सामने वेस्टइंडीज के गेंदबाज लेकिन विराट कोहली और कप्तान शुभमन गिल ने इसे ऐसा आसान बनाया कि भारत ने रविवार को पहला वनडे महज 41.4 ओवर में दो विकेट पर 300 रन बनाकर आठ विकेट से जीत लिया और तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। पहले वेस्टइंडीज का धमाका, फिर कुलदीप ने खींचा ब्रेक भारत ने टॉस के बाद पहले गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन शुरुआती 10 ओवर में यह दांव भारी पड़ता दिखाई दिया। जस्टिन ग्रीव्स और जॉन कैंपबेल भारतीय गेंदबाजों पर टूट पड़े। पहले पावरप्ले में वेस्टइंडीज ने बिना विकेट गंवाए 85 रन ठोक दिए। ग्रीव्स आक्रामक थे और कैंपबेल उनका बखूबी साथ निभा रहे थे। दोनों ने अर्धशतक पूरे किए और पहले विकेट के लिए शतकीय साझेदारी कर दी। एक समय ऐसा लग रहा था कि वेस्टइंडीज के लिए 300 रन तो महज औपचारिकता हैं।लेकिन, तभी कहानी में एंट्री हुई कुलदीप यादव की। कैंपबेल गए और बदलने लगी कहानी भारत को पहली सफलता 20वें ओवर में मिली। कुलदीप ने 62 रन बना चुके कैंपबेल को आउट कर खतरनाक ओपनिंग साझेदारी तोड़ी। तीसरे नंबर पर उतरे कार्टी खुलकर नहीं खेल सके। वेस्टइंडीज की तेज रफ्तार अचानक धीमी पड़ने लगी। हाल यह रहा कि 20वें से 30वें ओवर के बीच सिर्फ दो बाउंड्री आईं। कार्टी आखिरकार 31 गेंदों में 13 रन बनाकर आउट हो गए। ग्रीव्स का शतक, फिर छह गेंदों में कुलदीप का ‘ट्रिपल वार’ दूसरे छोर पर ग्रीव्स डटे रहे। उन्होंने अपना पहला वनडे शतक पूरा किया और 108 गेंदों में 12 चौकों की मदद से 101 रन बनाए लेकिन ग्रीव्स के शतक के बीच कुलदीप ने वेस्टइंडीज की पारी की कमर तोड़ दी। उन्होंने सिर्फ छह गेंदों के भीतर तीन विकेट झटक दिए और देखते ही देखते वेस्टइंडीज का स्कोर 198/5 हो गया। जिस पारी में कुछ देर पहले 300 से भी बड़े स्कोर की आहट सुनाई दे रही थी, वही अब संभलने के लिए जूझ रही थी। जंगू ने संभाला, फिर भी 300 से पांच रन दूर वेस्टइंडीज की हालत और खराब हो सकती थी, लेकिन आमिर जंगू ने निचले क्रम में उपयोगी पारी खेली और अपना दूसरा वनडे अर्धशतक पूरा किया। उनकी पारी ने मेहमान टीम को फिर 300 के करीब पहुंचाया, लेकिन मंजिल पांच रन दूर रह गई।वेस्टइंडीज ने 50 ओवर में सात विकेट पर 295 रन बनाए। भारत के लिए कुलदीप यादव सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 40 रन देकर चार विकेट लिए। प्रसिद्ध कृष्णा ने 60 रन पर दो , जबकि नीतीश कुमार रेड्डी ने 45 रन देकर एक विकेट हासिल किया। अब भारत के सामने लक्ष्य था 296 रन। रोहित-गिल ने पहले 10 ओवर में ही सेट कर दिया मूड भारतीय जवाब की शुरुआत से ही इरादा साफ था...लक्ष्य का पीछा करना है, इंतजार नहीं। रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने तेजी से रन बटोरे और पहले पावरप्ले में भारत को 70 रन तक पहुंचा दिया। रोहित ने तेज 32 रन बनाए, लेकिन अल्जारी जोसेफ ने उन्हें आउट कर वेस्टइंडीज को पहली सफलता दिलाई। मेहमान टीम को लगा होगा कि अब कुछ दबाव बनाया जा सकता है लेकिन रोहित के बाद क्रीज पर आए विराट कोहली.... और यहीं से मैच वेस्टइंडीज की पकड़ से तेजी से फिसलने लगा। गिल को 11 पर जीवनदान, फिर चुकाई पूरी कीमत कप्तान शुभमन गिल जब 11 रन पर थे, तब वेस्टइंडीज ने उन्हें जीवनदान दे दिया। गिल ने इस मौके को दोनों हाथों से पकड़ा। मांसपेशियों में खिंचाव से जूझने के बावजूद उन्होंने अपनी पारी को आगे बढ़ाया और इस साल नौ वनडे मैचों में सातवीं बार 50 या उससे अधिक का स्कोर बनाया लेकिन गिल यहीं नहीं रुके। उन्होंने कप्तानी पारी को शतक में बदल दिया और 108 गेंदों में 13 चौकों तथा एक छक्के की मदद से 110 रन बनाए। दूसरी तरफ विराट का तूफान गिल एक छोर पर पारी को आकार दे रहे थे और दूसरे छोर पर विराट का बल्ला रन-चेज को एकतरफा मुकाबले में बदल रहा था। कोहली ने शुरुआत से ही समय बर्बाद नहीं किया। उन्होंने वेस्टइंडीज के लगभग हर गेंदबाज को निशाने पर लिया और रन गति को लगातार ऊपर रखा। चौके आए, फिर छक्के आने लगे और देखते-देखते लक्ष्य तेजी से छोटा होता चला गया।इसी पारी के दौरान विराट ने वनडे क्रिकेट में अपने 15,000 रन भी पूरे कर लिए। वह सचिन तेंदुलकर के बाद यह उपलब्धि हासिल करने वाले दूसरे बल्लेबाज बने। फिर आया एक और बड़ा मुकाम 55वां वनडे शतक । 88 गेंद, नाबाद 139 रन और 9 छक्के शतक पूरा करने के बाद भी विराट ने रफ्तार कम नहीं की। उन्होंने सिर्फ 88 गेंदों में नाबाद 139 रन ठोक दिए। इस विस्फोटक पारी में 10 चौके और नौ छक्के शामिल रहे यानी अकेले बाउंड्री से विराट ने 94 रन बना डाले। गिल के आउट होने के बाद ऋतुराज गायकवाड ने विराट का साथ दिया और नाबाद 13 रन बनाए। अब जीत महज औपचारिकता रह गई थी। लगातार दो छक्के...और खेल खत्म लेकिन विराट शायद मैच को साधारण अंदाज में खत्म करने के मूड में नहीं थे। उन्होंने लगातार दो छक्के जड़कर लक्ष्य पार करा दिया। स्कोरबोर्ड चमका- भारत 300/2, 41.4 ओवर। लक्ष्य 296 रन का था, लेकिन भारत ने उसे 50 गेंद बाकी रहते और आठ विकेट हाथ में रहते हासिल कर लिया। 295 भी पड़े कम, भारत ने रन-चेज को बनाया वन-साइडेड वेस्टइंडीज के पास ग्रीव्स का शतक था। कैंपबेल के 62 रन थे। जंगू की उपयोगी पारी थी और बोर्ड पर 295 रन भी थे लेकिन उसके पास विराट और गिल की साझेदारी का कोई जवाब नहीं था। गिल ने 110 रन की कप्तानी पारी खेली और विराट ने नाबाद 139 रन की आतिशी पारी से मैच खत्म कर दिया। पहले कुलदीप के चार विकेटों ने वेस्टइंडीज को 300 से नीचे रोका और फिर विराट-गिल ने 296 रन के लक्ष्य को बौना साबित कर दिया। नतीजा—भारत की आठ विकेट से धमाकेदार जीत और तीन मैचों की वनडे सीरीज में 1-0 की बढ़त।



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