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कटिहार। कटिहार जिले के बारसोई नगर पंचायत में स्मैक और सूखे नशे के बढ़ते कारोबार के खिलाफ सोमवार को सैकड़ों महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। हाथों में तख्तियां लेकर महिलाओं ने नशा विरोधी रैली निकाली और प्रशासन व पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस को स्मैक नहीं मिलता लेकिन नशेड़ियों को आसानी से उपलब्ध हो जाता है। उन्होंने जल्द कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। रेलवे गुमटी से स्टेशन तक निकली विरोध रैली महिलाओं की रैली रेलवे गुमटी से शुरू होकर बारसोई रेलवे स्टेशन तक गई और फिर वापस रेलवे गुमटी पहुंचकर समाप्त हुई। पूरे रास्ते प्रदर्शनकारियों ने नशे के कारोबार को बंद कराने और तस्करों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। 'युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही, प्रशासन बना मूकदर्शक' प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने कहा, “स्मैक की लत के कारण इलाके के बड़ी संख्या में युवा बर्बादी की ओर बढ़ रहे हैं।” उनका आरोप है कि कई युवक नशे की लत पूरी करने के लिए घर का सामान, बर्तन और गहने तक बेच रहे हैं जबकि चोरी की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। इसके बावजूद प्रशासन प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा है। पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप महिलाओं ने पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब प्रशासन छापेमारी करता है तो उसे कहीं स्मैक नहीं मिलता लेकिन नशा करने वाले लोगों को वही स्मैक आसानी से उपलब्ध हो जाता है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि स्मैक का कारोबार खुलेआम चल रहा है और इसमें पुलिस के कुछ कर्मियों की मिलीभगत होने की भी आशंका है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। तस्करों की गिरफ्तारी की मांग, आंदोलन तेज करने की चेतावनी महिलाओं ने प्रशासन से स्मैक तस्करों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई और मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा और बड़े स्तर पर जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। नशे के खिलाफ एकजुट हुईं महिलाएं प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने कहा कि यह केवल कानून-व्यवस्था का नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ी के भविष्य का सवाल है। उनका कहना था कि यदि समय रहते स्मैक के कारोबार पर रोक नहीं लगी तो पूरा समाज इसकी चपेट में आ जाएगा। इसलिए, प्रशासन को तत्काल कठोर कदम उठाने चाहिए।