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पटना। बिहार सरकार ने राज्य की सड़क कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने के लिए बक्सर से भागलपुर तक 336 किलोमीटर लंबे छह लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण के प्रस्ताव को आज मंजूरी दे दी, जिससे पश्चिम और पूर्वी बिहार के बीच हाई-स्पीड संपर्क स्थापित होगा, यात्रा समय घटेगा और व्यापार, उद्योग तथा क्षेत्रीय विकास को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। मंत्रिमंडल सचिवालय ने बुधवार को बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। बक्सर से भागलपुर तक दौड़ेगा हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे यह 336 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बक्सर से शुरू होकर अरवल, जहानाबाद, नालंदा और जमुई समेत कई जिलों से गुजरते हुए भागलपुर तक पहुंचेगा। इसे कंट्रोल्ड एक्सेस एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित किया जाएगा। यानी वाहन केवल निर्धारित इंटरचेंज से ही प्रवेश और निकास कर सकेंगे, जिससे तेज और सुरक्षित सफर सुनिश्चित होगा। पीपीपी मॉडल पर बनेगा मेगा प्रोजेक्ट सरकार ने इस परियोजना को निजी-सार्वजनिक भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर विकसित करने का फैसला किया है। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएसआरडीसीएल) को सौंपी जाएगी।सरकार का मानना है कि यह एक्सप्रेसवे बिहार के विकास की नई रीढ़ साबित होगा। यात्रा होगी आसान, व्यापार को मिलेगी नई उड़ान एक्सप्रेसवे बनने के बाद राज्य के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के बीच सफर काफी तेज होगा। माल परिवहन की गति बढ़ेगी, उद्योगों को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा और निवेश की संभावनाएं भी मजबूत होंगी। इससे रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है। किसानों के लिए 11 हजार निजी नलकूप की मंजूरी मंत्रिमंडल की बैठक में किसानों को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के तहत वर्ष 2026-27 में 11 हजार निजी नलकूप लगाने की मंजूरी दी गई। इसके लिए सरकार ने 305.60 करोड़ रुपये की संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। इससे सिंचाई सुविधाएं मजबूत होंगी और खेती को सीधा लाभ मिलेगा। कटिहार की नहरों का होगा पुनर्जीवन कटिहार सिंचाई प्रमंडल के अंतर्गत आने वाली कटिहार वितरणी, फूलपुर, हसनगंज, बैजनाथपुर और सेमापुर की नहर प्रणालियों के पुनर्स्थापन के लिए 35.82 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इससे हजारों किसानों तक सिंचाई का पानी बेहतर तरीके से पहुंच सकेगा। बिहार में एआई को मिलेगा बढ़ावा मंत्रिपरिषद ने राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के विकास की दिशा में भी अहम कदम उठाया है। टायो एआई इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और बिहार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के बीच एमओयू को मंजूरी दी गई है, जिससे राज्य में तकनीकी नवाचार और डिजिटल इकोसिस्टम को बढ़ावा मिलेगा। गांवों में बनेंगे नए गोदाम किसानों की उपज के सुरक्षित भंडारण के लिए सरकार ने 48,200 मीट्रिक टन नई भंडारण क्षमता विकसित करने का फैसला लिया है। इसके तहत 200, 500 और 1,000 मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदाम बनाए जाएंगे। इसके लिए 52 सहकारी समितियों को 34.95 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इसका लाभ किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने और बेहतर दाम मिलने के रूप में मिलेगा। मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 13 एजेंडों को मंजूरी दी गई।



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