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नई दिल्ली। संभावित अल-नीनो और कम बारिश की आशंका को देखते हुए तैयारियां तेज किए जाने के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिया है कि जोखिम वाले जिलों में हर हफ्ते समीक्षा बैठकें कर किसानों को समय रहते सही सलाह, फसल विकल्प और जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जाए। किसानों तक पहुंचेगी सही जानकारी श्री चौहान ने मंगलवार को अधिकारियों से कहा कि जोखिम वाले जिलों में जिला प्रशासन, कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र और अन्य टीमों के साथ मिलकर बैठकें की जाएं। इन बैठकों के जरिए किसानों को बताया जाएगा कि उनके इलाके में कौन-सी सावधानी जरूरी है और कौन-सी फसल ज्यादा सुरक्षित विकल्प हो सकती है। डर नहीं, समाधान देना है कृषि मंत्री ने कहा कि अल-नीनो को लेकर किसानों में डर फैलाने के बजाय उन्हें वैज्ञानिक और भरोसेमंद जानकारी दी जाए। सरकार का मकसद है कि किसान घबराएं नहीं, बल्कि सही समय पर सही फैसले ले सकें। कम बारिश वाले जिलों के लिए अलग प्लान बैठक में निर्देश दिए गए कि जहां कम बारिश या असमान बारिश की आशंका है, वहां फसलवार आकस्मिक योजना तैयार की जाए। पानी बचाने, नमी बनाए रखने, अंतराफसली खेती और वैकल्पिक फसल पैटर्न जैसे उपायों पर खास जोर दिया जाएगा। कपास उत्पादन बढ़ाने पर फोकस खरीफ 2026 की तैयारियों की समीक्षा के दौरान कपास उत्पादन बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। श्री चौहान ने वैज्ञानिक खेती, सही बीज, मल्चिंग, नमी संरक्षण और अंतराफसली खेती को बड़े स्तर पर बढ़ावा देने की बात कही, ताकि किसानों की पैदावार और आमदनी दोनों बढ़ सकें। दालों में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य बैठक में अरहर, उड़द और मूंग जैसी दालों के उत्पादन को बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। सरकार चाहती है कि देश दालों के मामले में ज्यादा आत्मनिर्भर बने और आयात पर निर्भरता कम हो। इसके लिए बेहतर बीज, फसल चक्र और तकनीकी मदद पर फोकस रहेगा। खाद की कमी न हो, इसके निर्देश समीक्षा में उर्वरकों की उपलब्धता, मंडी भाव, जलाशयों की स्थिति और राज्यों के स्टॉक पर भी चर्चा हुई। कृषि मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि मानसून की रफ्तार बढ़ने के साथ राज्यों और जिलों तक खाद की सप्लाई चुस्त रखी जाए, ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो। सरकार का मैसेज साफ श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में किसानों के हितों की रक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और मौसम की किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पहले से तैयारी जरूरी है।