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नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को प्रदर्शनकारियों पर आंदोलन स्थगित करने के वादे से पीछे हटने का आरोप लगाया और कहा कि केंद्र सरकार शुरू से बातचीत के जरिए समाधान निकालने, दोषियों पर कार्रवाई करने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए लगातार कदम उठाती रही है। 'मोदी सरकार के लिए छात्रों का भविष्य सबसे बड़ी प्राथमिकता' भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने बुधवार को पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवाओं को देश का भविष्य और राष्ट्र निर्माता मानते हैं। सरकार की पहली प्राथमिकता छात्रों का भविष्य सुरक्षित करना है। उन्होंने कहा कि 11 मई को नीट पेपर लीक की जानकारी मिलते ही केंद्र सरकार ने तुरंत कार्रवाई की। शिक्षा मंत्रालय ने एफआईआर दर्ज कराई और मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी। '13 आरोपी जेल में, 37 दिन में दोबारा परीक्षा' सुश्री स्वराज ने कहा कि पेपर लीक मामले में अब तक 13 आरोपी जेल में हैं। उन्होंने दावा किया कि केवल 37 दिनों के भीतर दोबारा परीक्षा कराई गई और 25 दिनों में उसका परिणाम भी घोषित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है और भविष्य में नीट को कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) की ओर ले जाया जा रहा है। साथ ही एआई और एडवांस मॉनिटरिंग सिस्टम भी लागू किए जा रहे हैं। 'परीक्षा व्यवस्था चरमराने का दावा पूरी तरह गलत' भाजपा सांसद ने विपक्ष के उस आरोप को खारिज किया जिसमें देश की परीक्षा व्यवस्था के कमजोर होने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन महीनों में एनटीए ने जेईई, सीयूईटी और नीट की दोबारा परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की है। ऐसे में यह कहना कि पूरी परीक्षा व्यवस्था चरमरा गई है, तथ्यात्मक रूप से गलत है। 'सरकार संवेदनशील रही, आंदोलन में फैलाए गए भ्रम' सुश्री स्वराज ने कहा कि सरकार ने आंदोलन के दौरान भी संवेदनशील रवैया अपनाया और लगातार बातचीत की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कई भ्रामक दावे किए गए, जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं था। उन्होंने 12 साल की बच्ची के घायल होने के दावे को भी गलत बताते हुए कहा कि इस तरह की खबरों के जरिए गलत माहौल बनाने की कोशिश की गई। 'धरने की अनुमति मिली, फिर भी वादे से पीछे हटे' भाजपा सांसद ने दावा किया कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके को अमेरिका से लौटने के बाद दिल्ली पुलिस ने हवाईअड्डे पर ही धरना देने की अनुमति दे दी थी। यह अनुमति शाम पांच बजे तक के लिए थी और शांतिपूर्ण प्रदर्शन होने के कारण पुलिस ने कोई बाधा नहीं डाली। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने आंदोलन स्थगित कर बातचीत आगे बढ़ाने की अपील की थी लेकिन प्रदर्शनकारी अपने वादे से पीछे हट गए। 'देश के युवा अराजकता का माध्यम नहीं' सुश्री स्वराज ने छात्रों से अपील करते हुए कहा कि देश के युवा समझदार हैं और वे सच को पहचानते हैं। भारत के युवा अराजकता फैलाने वाले नहीं बल्कि देश के राष्ट्र निर्माता हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 20 जुलाई को बिना अनुमति संसद घेरने की कोशिश की गई, इसके बावजूद सरकार बातचीत के लिए तैयार रही।