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रांची। जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के झारखंड बंद का असर राजधानी रांची समेत कई इलाकों में दिखाई दिया, जहां हरमू चौक पर टायर जलाकर सड़क जाम किया गया, बसों और यात्री वाहनों का परिचालन प्रभावित रहा और निजी स्कूल बंद रहे वहीं छात्रों का आंदोलन लगातार 18वें दिन भी जारी है। लाठीचार्ज के खिलाफ सड़क पर उतरी भाजपा सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार, 11 अगस्त को पूरे झारखंड में बंद का आह्वान किया। सुबह से ही भाजपा कार्यकर्ता अलग-अलग इलाकों में सड़क पर उतरने लगे। राजधानी रांची के हरमू चौक पर कार्यकर्ताओं ने टायर जलाकर सड़क जाम कर दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ प्रदर्शनकारी जेसीबी पर चढ़कर भी नारे लगाते नजर आए। बंद के कारण हरमू चौक और आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ। रांची में कम चलीं बसें, सड़कों पर घटा ट्रैफिक बंद का असर सार्वजनिक परिवहन पर भी देखने को मिला। सामान्य दिनों की तुलना में रांची में बसों और अन्य यात्री वाहनों का परिचालन कम दिखाई दिया। राजधानी से बाहर जाने और दूसरे शहरों से रांची आने वाले यात्रियों की संख्या भी कम रही। कई मार्गों पर आम दिनों की तुलना में वाहनों और लोगों की आवाजाही कम दिखाई दी। निजी स्कूल बंद, छात्रों की सुरक्षा का हवाला बंद को देखते हुए राजधानी रांची के निजी स्कूलों को मंगलवार को बंद रखा गया। स्कूल प्रबंधन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा और शहर की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए यह फैसला लिया। प्रशासन ने भी बंद के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई है। चाईबासा में दुकानें बंद कराने उतरे कार्यकर्ता बंद का असर रांची से बाहर भी देखने को मिला। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, चाईबासा में बंद समर्थक दुकानों को बंद कराते नजर आए। राज्य के अन्य जिलों में भी भाजपा कार्यकर्ता सड़क पर उतरे और सोमवार को छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। 18वें दिन भी जारी जेपीएससी-जेएसएससी आंदोलन जेपीएससी और जेएसएससी की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन मंगलवार को 18वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारी छात्र कथित परीक्षा गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं। सोमवार को बैरिकेडिंग तोड़ विधानसभा तक पहुंचे थे छात्र एक दिन पहले सोमवार को बड़ी संख्या में छात्रों ने विधानसभा का घेराव करने के लिए मार्च किया था। प्रदर्शन के दौरान कई छात्र बैरिकेडिंग पार करते हुए विधानसभा गेट तक पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने उन्हें वहां से हटाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे। इसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज किया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का भी इस्तेमाल किया गया था। करीब 100 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर विधानसभा घेराव के दौरान हुए टकराव में 100 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। हालांकि अलग-अलग पक्षों की ओर से घायलों की संख्या अलग बताई गई है। जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के प्रतिनिधियों के अनुसार, उसके करीब 80 छात्र-छात्राओं को चोटें आईं, जबकि न्याय मंच से जुड़े 20 से अधिक छात्रों के घायल होने की बात कही गई है। कुछ छात्रों के हाथ-पैर में फ्रैक्चर होने की बात भी सामने आई है। सदर अस्पताल में 10 गंभीर रूप से घायल छात्रों के पहुंचने और उनमें से तीन को भर्ती किए जाने की जानकारी दी गई है। 14 पुलिसकर्मी भी घायल, एक आईसीयू में प्रदर्शन के दौरान केवल छात्रों को ही नहीं, पुलिसकर्मियों को भी चोटें आईं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रांची पुलिस के करीब 14 पुलिसकर्मी घायल हुए। इनमें पुलिसकर्मी अंजनी यादव को धुर्वा स्थित एक निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया। वहीं, देर रात 12 पुलिसकर्मियों को सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद घर भेजे जाने की जानकारी है। शाम को केक काटा, रात में फिर बिगड़े हालात सोमवार के प्रदर्शन के दौरान एक दिलचस्प तस्वीर भी सामने आई। देर शाम प्रदर्शनकारी छात्रों ने विधानसभा गेट के पास मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के जन्मदिन पर केक काटा और उसे छात्रों तथा पुलिसकर्मियों के बीच बांटा। इसके बाद कुछ प्रदर्शनकारी वापस लौट गए जबकि कुछ वहीं डटे रहे। रात में एक बार फिर स्थिति तनावपूर्ण हुई और पुलिस ने दोबारा लाठीचार्ज किया। प्रदर्शनकारी पक्ष ने इस दौरान छात्राओं के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप लगाया है। एबीवीपी ने भी किया विधानसभा मार्च का ऐलान छात्र आंदोलन और भाजपा के बंद के बीच अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने भी आंदोलन के समर्थन में विधानसभा मार्च करने की घोषणा की है। इससे परीक्षा विवाद को लेकर सरकार पर राजनीतिक और छात्र संगठनों का दबाव और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। भाजपा ने सरकार को घेरा, सुरक्षा बढ़ी भाजपा ने सोमवार की पुलिस कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने को कहा है। दूसरी ओर, बंद और जारी आंदोलन को देखते हुए प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी है। परीक्षा विवाद से अब सियासी टकराव तक पहुंचा आंदोलन जेपीएससी-जेएसएससी की कथित परीक्षा गड़बड़ियों से शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता दिखाई दे रहा है। एक तरफ छात्र 18 दिनों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, वहीं विधानसभा घेराव के दौरान हुई हिंसक झड़प और पुलिस कार्रवाई के बाद भाजपा ने राज्यव्यापी बंद बुलाकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि सरकार छात्रों की मांगों और पुलिस कार्रवाई से उपजे विवाद पर आगे क्या कदम उठाती है तथा लंबे समय से जारी यह आंदोलन किस दिशा में जाता है।