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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रमंडल खेल (कॉमनवेल्थ गेम्स) 2026 में लगातार तीसरी बार स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाली स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू की उपलब्धि पर बधाई दी और कहा कि मीराबाई ने भारतीय वेटलिफ्टिंग में एक और शानदार अध्याय जोड़ा है और वह करोड़ों भारतीयों, खासकर युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन गई हैं। भारतीय वेटलिफ्टिंग का सुनहरा अध्याय श्री मोदी ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मीराबाई को शुभकामनाएं देते हुए लिखा कि उन्होंने एक बार फिर कॉमनवेल्थ गेम्स के मंच पर अपनी शानदार प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा, "भारतीय वेटलिफ्टिंग में एक और शानदार अध्याय जुड़ गया है। प्रतिभाशाली मीराबाई चानू ने 48 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी क्षमता फिर साबित कर दी। वह हर भारतीय के लिए प्रेरणा हैं।" लगातार तीसरे गोल्ड से रचा इतिहास ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मीराबाई चानू ने महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर लगातार तीसरी बार कॉमनवेल्थ चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। इससे पहले वह 2018 गोल्ड कोस्ट और 2022 बर्मिंघम में भी गोल्ड जीत चुकी हैं। अब कॉमनवेल्थ में चार पदकों की मालकिन इस जीत के साथ मीराबाई के नाम अब कॉमनवेल्थ गेम्स में चार पदक हो गए हैं। उन्होंने 2014 ग्लासगो खेलों में रजत पदक जीता था, जबकि इसके बाद लगातार तीन संस्करणों में स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय वेटलिफ्टिंग के इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा दिया। भारत के लिए गर्व का पल प्रधानमंत्री का यह संदेश ऐसे समय आया है, जब पूरा देश कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के शानदार प्रदर्शन का जश्न मना रहा है। मीराबाई की इस ऐतिहासिक जीत ने न सिर्फ भारत की पदक तालिका को मजबूती दी है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय वेटलिफ्टिंग की साख को भी और ऊंचा किया है। युवा खिलाड़ियों के लिए बनीं मिसाल ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू लगातार बड़े मंचों पर भारत का परचम लहरा रही हैं। उनकी मेहनत, अनुशासन और निरंतर सफलता उन्हें देश की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल करती है। यही वजह है कि प्रधानमंत्री ने उन्हें केवल चैंपियन ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा बताया और भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।