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मुंबई: कुछ प्रेम कहानियां रिश्ता खत्म होने के बाद भी दिल से खत्म नहीं होतीं। फिल्म ‘प्रेम कीटाणु’ का नया गाना ‘इश्क का गुलाम’ प्यार के इसी दर्दभरे सच को सामने लाता है। बी प्राक की भावुक आवाज में सजा यह गीत वीर पहाड़िया के किरदार की मोहब्बत, तड़प और टूटते रिश्ते के संघर्ष को बयां करता है। प्यार में पूरी तरह डूबे दिखे वीर पहाड़िया गाने में वीर पहाड़िया के किरदार की भावनात्मक दुनिया की झलक दिखाई गई है। वह प्यार की गहराई में पूरी तरह डूबा नजर आता है, लेकिन रिश्ते में बढ़ती दूरी उसकी दुनिया को बदलने लगती है। गीत आगे बढ़ता है तो मोहब्बत का खूबसूरत एहसास धीरे-धीरे बेचैनी, खालीपन और दिल टूटने के दर्द में बदल जाता है। रिश्ते के टूटने की कगार पर भावनाओं का तूफान ‘इश्क का गुलाम’ केवल प्यार में होने की खुशी नहीं दिखाता, बल्कि उस पल को भी सामने लाता है, जब रिश्ता बिखरने की कगार पर पहुंच जाता है। गाने का माहौल वीर के किरदार के भीतर चल रही उथल-पुथल को प्रभावी ढंग से पेश करता है। दूरी बढ़ने के साथ किरदार की असहायता और दर्द भी गहराता जाता है। यही भाव गीत को फिल्म की कहानी से मजबूती से जोड़ता है। वीर का संवेदनशील और कमजोर पक्ष आया सामने इस गाने में वीर पहाड़िया का भावनात्मक और संवेदनशील पक्ष देखने को मिलता है। उनका किरदार ऐसे रिश्ते से गुजर रहा है, जिसमें भावनाएं बेहद गहरी हैं, लेकिन उससे बाहर निकलना आसान नहीं है। प्यार के खत्म होने के बाद भी मन में रह जाने वाली अनकही बातें गीत की सबसे बड़ी भावनात्मक ताकत बनकर सामने आती हैं। बी प्राक की आवाज ने दर्द को दी गहराई बी प्राक की गायकी ‘इश्क का गुलाम’ के दर्द को और असरदार बनाती है। उनकी भावुक आवाज प्रेम, तड़प और जुदाई के बीच छिपे खालीपन को उभारती है। यह गीत उन श्रोताओं से जुड़ने की कोशिश करता है, जिन्होंने कभी ऐसे प्यार का अनुभव किया हो, जिसे चाहकर भी भुलाना आसान नहीं था। ‘इश्क का गुलाम’ के रिलीज होने के साथ फिल्म की कहानी में भावनाओं की एक नई परत जुड़ गई है। यह गीत वीर पहाड़िया के किरदार के प्यार, दर्द और आंतरिक संघर्ष की झलक देता है। इसके जरिए फिल्म के रिश्तों और किरदारों की भावनात्मक जटिलता भी सामने आने लगती है। युवा प्यार और रिश्तों की उलझनों पर केंद्रित कहानी ‘प्रेम कीटाणु’ की कहानी युवा प्रेम, रिश्तों की जटिलताओं और बड़े होने के दौरान सामने आने वाली उलझनों को केंद्र में रखती है। फिल्म यह दिखाने की कोशिश करती है कि प्यार के साथ खुशी ही नहीं, असुरक्षा, दूरी और दिल टूटने जैसी भावनाएं भी जुड़ी होती हैं।अपूर्व सिंह कार्की के निर्देशन में बनी फिल्म में वीर पहाड़िया और आफिया सैयद मुख्य भूमिकाओं में हैं। उनके साथ अपारशक्ति खुराना, राकेश बेदी और निखिल विजय भी अहम किरदारों में दिखाई देंगे। 02 अक्टूबर को सिनेमाघरों में दस्तक ‘प्रेम कीटाणु’ 2 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। उससे पहले ‘इश्क का गुलाम’ ने दर्शकों को वीर पहाड़िया के किरदार के उस दर्द से परिचित करा दिया है, जो प्यार के चले जाने के बाद भी उसका पीछा नहीं छोड़ता।



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